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जम्मू-कश्मीर में बनेंगे पर्यटन ग्राम, 181 गांव किए जाएंगे विकसित
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में मिशन यूथ के तहत पर्यटन गांव विकास कार्यक्रम (टीवीडीपी) की पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक सुंदरता, कला, सांस्कृतिक, इतिहास और पुरातत्व से जुड़े 181 गांवों को विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य नए पर्यटन स्थलों का विकास करना है। इसमें आर्थिक रूपरेखा के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विशेषताओं को जोड़ा जाएगा। चयनित गांवों में पर्यटकों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। कार्यक्रम में शामिल गांवों का चयन पर्यटन विभाग के सहयोग से मिशन यूथ की विशेषज्ञ समिति द्वारा उनकी ग्रामीण पर्यटन क्षमता के आधार पर किया जाना है। इस योजना से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कितनी मिलेगी वित्तीय सहायता
जो युवा पर्यटन और आतिथ्य सेवा क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिए वित्तीय सहायता की राशि 10 लाख रुपये है, जिसमें बैंकिंग भागीदार से 8.50 लाख रुपये शामिल है। मिशन यूथ जम्मू-कश्मीर की तरफ से विशेष अग्रिम प्रोत्साहन (सब्सिडी) के रूप में 1.5 लाख रुपये या परियोजना का 15 फीसदी (जो भी न्यूनतम हो) दिए जाएंगे। योजना के तहत लोन की अदायगी के लिए 3.5 लाख रुपये की विशेष सब्सिडी भी दी जाएगी।
होम स्टे के लिए कितनी मदद मिलेगी
उधमपुर जिले का गांव पंचैरी होम स्टे सुविधा के लिए तैयार है। टीवीडीपी कार्यक्रम के तहत होम स्टे विकसित करने के लिए एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें बैंक से 0.85 लाख और मिशन यूथ की तरफ से 0.15 लाख या परियोजना लागत का 15 फीसदी (जो भी न्यूनतम हो) विशेष अग्रिम प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। इसमें महिला आवेदकों को 25 फीसदी परियोजना लागत दी जाएगी। इसके अलावा लोन के भुगतान के लिए 0.35 लाख की विशेष सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
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किन्हें मिलेगा लाभ
कार्यक्रम का लाभ पाने के लिए लाभार्थी बेरोजगार होना चाहिए और संबंधित जिला रोजगार और परामर्श केंद्र के साथ पंजीकृत होना चाहिए। सरकार के अनुसार यह पहल केंद्र शासित प्रदेश में होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए है और इस क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
गांवों में फिल्म शूटिंग के लिए भी पहल शुरू की गई है। इसका मकसद गांवों को उनके सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। होम स्टे के लिए सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को जिला नोडल अधिकारी के पास आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और आवेदन का प्रारूप आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। पर्यटन और आतिथ्य सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार गतिविधियों के लिए सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को जिला नोडल अधिकारी के पास प्रस्तावित गतिविधि की डीपीआर और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। पूरी जानकारी के लिए इच्छुक युवा मिशन यूथ वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं।
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कितनी मिलेगी वित्तीय सहायता
जो युवा पर्यटन और आतिथ्य सेवा क्षेत्र में अपना उद्यम स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिए वित्तीय सहायता की राशि 10 लाख रुपये है, जिसमें बैंकिंग भागीदार से 8.50 लाख रुपये शामिल है। मिशन यूथ जम्मू-कश्मीर की तरफ से विशेष अग्रिम प्रोत्साहन (सब्सिडी) के रूप में 1.5 लाख रुपये या परियोजना का 15 फीसदी (जो भी न्यूनतम हो) दिए जाएंगे। योजना के तहत लोन की अदायगी के लिए 3.5 लाख रुपये की विशेष सब्सिडी भी दी जाएगी।
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होम स्टे के लिए कितनी मदद मिलेगी
उधमपुर जिले का गांव पंचैरी होम स्टे सुविधा के लिए तैयार है। टीवीडीपी कार्यक्रम के तहत होम स्टे विकसित करने के लिए एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें बैंक से 0.85 लाख और मिशन यूथ की तरफ से 0.15 लाख या परियोजना लागत का 15 फीसदी (जो भी न्यूनतम हो) विशेष अग्रिम प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। इसमें महिला आवेदकों को 25 फीसदी परियोजना लागत दी जाएगी। इसके अलावा लोन के भुगतान के लिए 0.35 लाख की विशेष सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
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किन्हें मिलेगा लाभ
कार्यक्रम का लाभ पाने के लिए लाभार्थी बेरोजगार होना चाहिए और संबंधित जिला रोजगार और परामर्श केंद्र के साथ पंजीकृत होना चाहिए। सरकार के अनुसार यह पहल केंद्र शासित प्रदेश में होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए है और इस क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
गांवों में फिल्म शूटिंग के लिए भी पहल शुरू की गई है। इसका मकसद गांवों को उनके सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। होम स्टे के लिए सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को जिला नोडल अधिकारी के पास आवेदन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे और आवेदन का प्रारूप आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। पर्यटन और आतिथ्य सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार गतिविधियों के लिए सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को जिला नोडल अधिकारी के पास प्रस्तावित गतिविधि की डीपीआर और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा। पूरी जानकारी के लिए इच्छुक युवा मिशन यूथ वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं।