{"_id":"6317a9ba19bf9d63371edbfa","slug":"jammu-kashmir-news-jammu-city-news-jmu26747027","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म के दोषी चाचा की सजा 20 से कम कर 7 साल की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्म के दोषी चाचा की सजा 20 से कम कर 7 साल की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। सगी भतीजी से दुष्कर्म के दोषी चाचा को सुनाई गई 20 साल की सजा को कम कर दिया गया है। उच्च न्यायालय ने दोषी की अर्जी पर सुनवाई की। दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद 2013 के संशोधित एक्ट को ध्यान में रखते हुए रामबन के रहने वाले लियाकत अली की सजा को 20 से कम कर 7 साल कर दिया। हालांकि इसके लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
न्यायाधीश रजनीश ओसवाल और मोहन लाल की खंडपीठ ने मंगलवार को आरोपी की अर्जी पर सुनवाई की। कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि युवती से दुष्कर्म किया गया। इस बात को भी ध्यान में रखना होगा कि दोषी की आयु इस समय 34 साल है, जिसकी पत्नी, बच्चा और मां बाप है, जिस पर उनके लिए कमाने का जिम्मा है। दोषी एक गरीब परिवार से है। पीड़ित भी गरीब परिवार की है और उसकी भी शादी हो चुकी है। दुष्कर्म के दोष में अधिकतम सजा उम्रकैद और न्यूनतम 10 साल है, लेकिन 2013 संशोधन एक्ट के तहत न्यूनतम 7 साल सजा का प्रावधान भी है। दोषी को सुनाई गई सजा माफ तो नहीं होगी, लेकिन इसको कम किया जा सकता है। लिहाजा आरोपी को अब 20 की जगह 7 साल सजा काटनी होगी। यह मामला 2011 का है। रामबन पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसके सगे चाचा ने दुष्कर्म किया। डर की वजह से उसने किसी को बताया नहीं और 8 माह की गर्भवती हो गई।
युवती की अश्लील वीडियो बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। युवती की अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया है। रियासी मुंसिफ आरती देवी ने मंगलवार को आरोपी मंजीत सिंह की अर्जी पर सुनवाई की। रियासी पुलिस के पास एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उसकी फर्जी अश्लील वीडियो बनाई गई। वीडियो बनाने वाले ने इसकास्क्रीनशाट लेकर अज्ञात व्हाटसएप नंबर से युवती से सांझा किया और कहा कि यह वीडियो उसका है। इस पर युवती ने कहा कि यह वीडियो उसका नहीं। इसके बाद आरोपी ने युवती से फिर बात की और अपना नाम मंजीत सिंह बताकर कहा कि यह वीडियो उसका है। इस पर युवती ने फिर मना किया और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। बार बार आरोपी युवती को अलग अलग नंबर से फोन कर कहने लगा कि यह वीडियो उसका है। एक दिन उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मुंसिफ ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
न्यायाधीश रजनीश ओसवाल और मोहन लाल की खंडपीठ ने मंगलवार को आरोपी की अर्जी पर सुनवाई की। कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि युवती से दुष्कर्म किया गया। इस बात को भी ध्यान में रखना होगा कि दोषी की आयु इस समय 34 साल है, जिसकी पत्नी, बच्चा और मां बाप है, जिस पर उनके लिए कमाने का जिम्मा है। दोषी एक गरीब परिवार से है। पीड़ित भी गरीब परिवार की है और उसकी भी शादी हो चुकी है। दुष्कर्म के दोष में अधिकतम सजा उम्रकैद और न्यूनतम 10 साल है, लेकिन 2013 संशोधन एक्ट के तहत न्यूनतम 7 साल सजा का प्रावधान भी है। दोषी को सुनाई गई सजा माफ तो नहीं होगी, लेकिन इसको कम किया जा सकता है। लिहाजा आरोपी को अब 20 की जगह 7 साल सजा काटनी होगी। यह मामला 2011 का है। रामबन पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसके सगे चाचा ने दुष्कर्म किया। डर की वजह से उसने किसी को बताया नहीं और 8 माह की गर्भवती हो गई।
विज्ञापन
युवती की अश्लील वीडियो बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
जम्मू। युवती की अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया है। रियासी मुंसिफ आरती देवी ने मंगलवार को आरोपी मंजीत सिंह की अर्जी पर सुनवाई की। रियासी पुलिस के पास एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया कि उसकी फर्जी अश्लील वीडियो बनाई गई। वीडियो बनाने वाले ने इसकास्क्रीनशाट लेकर अज्ञात व्हाटसएप नंबर से युवती से सांझा किया और कहा कि यह वीडियो उसका है। इस पर युवती ने कहा कि यह वीडियो उसका नहीं। इसके बाद आरोपी ने युवती से फिर बात की और अपना नाम मंजीत सिंह बताकर कहा कि यह वीडियो उसका है। इस पर युवती ने फिर मना किया और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। बार बार आरोपी युवती को अलग अलग नंबर से फोन कर कहने लगा कि यह वीडियो उसका है। एक दिन उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मुंसिफ ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपी को जमानत नहीं मिलेगी।
विज्ञापन