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किडनी प्रत्यारोपण के लिए दूसरे राज्यों का सहारा
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जम्मू। जम्मू संभाग में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे में विस्तार हुआ है, लेकिन अंग प्रत्यारोपण की सुविधाओं को लेकर अभी कुछ खास नहीं हो पाया है। किडनी (गुर्दा) प्रत्यारोपण की बात करें तो संभाग के दस जिलों की लाखों की आबादी में किडनी रोगियों को किडनी प्रत्यारोपण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। संभाग में ही हर साल दो हजार किडनी के नए मामले मिल रहे हैं।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के नेफरोलाजी विभाग में दैनिक आधार पर तीन शिफ्टों में 30 से 40 मरीजों के डायलिसिस किए जा रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में मासिक 500-600 मरीजों में से 100 से 150 नए मरीज आ रहे हैं। नेफरोलाजी विभाग की ओर से पूर्व एचओडी डॉ. एसके बाली की देखरेख में प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने की कवायद की गई थी। हालांकि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की तीन सदस्यीय टीम ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और जीएमसी जम्मू में विभिन्न किडनी प्रत्यारोपण की सुविधाओं का निरीक्षण किया है, लेकिन अभी भी किडनी रोगी प्रत्यारोपण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर हैं। संभाग स्तर पर किडनी रोगी देखभाल की उचित सुविधाएं न होने के कारण अधिकांश गंभीर मरीजों को जम्मू आना पड़ रहा है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में पहले ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा दी जा रही है। देशभर में प्रत्येक दसवां व्यक्ति किडनी की समस्या से ग्रस्त है।
जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि किडनी प्रत्यारोपण के लिए सभी सुविधाएं जुटा ली गई हैं। उम्मीद है कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
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सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू के नेफरोलाजी विभाग में दैनिक आधार पर तीन शिफ्टों में 30 से 40 मरीजों के डायलिसिस किए जा रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में मासिक 500-600 मरीजों में से 100 से 150 नए मरीज आ रहे हैं। नेफरोलाजी विभाग की ओर से पूर्व एचओडी डॉ. एसके बाली की देखरेख में प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू करने की कवायद की गई थी। हालांकि हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की तीन सदस्यीय टीम ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और जीएमसी जम्मू में विभिन्न किडनी प्रत्यारोपण की सुविधाओं का निरीक्षण किया है, लेकिन अभी भी किडनी रोगी प्रत्यारोपण के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर हैं। संभाग स्तर पर किडनी रोगी देखभाल की उचित सुविधाएं न होने के कारण अधिकांश गंभीर मरीजों को जम्मू आना पड़ रहा है, जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में पहले ही किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा दी जा रही है। देशभर में प्रत्येक दसवां व्यक्ति किडनी की समस्या से ग्रस्त है।
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जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल डॉ. शशि सूदन का कहना है कि किडनी प्रत्यारोपण के लिए सभी सुविधाएं जुटा ली गई हैं। उम्मीद है कि पंजीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
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