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अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पुनर्गठन की तैयारी
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जम्मू। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के बाद श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के पुनर्गठन की तैयारी की जा रही है। बोर्ड के सदस्यों का तीन साल का कार्यकाल होता है, जो खत्म हो रहा है। पिछले दो वर्षों में कोविड के कारण यात्रा नहीं हो पाई है। अगले हफ्ते बोर्ड के पुनर्गठन के साथ मुख्य बैठक में यात्रा की तिथियों की घोषणा हो सकती है। मंडलायुक्त जम्मू की ओर से पहले ही अप्रैल में यात्री अग्रिम पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की जा चुकी है। अमूमन जून के अंत या जुलाई के शुरू में अमरनाथ यात्रा होती रही है।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड का गठन जम्मू कश्मीर विधानमंडल 2000 अधिनियम के तहत किया गया है। इसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की जिम्मेदारी दी जाती है, जबकि वर्तमान राज्यपाल या उपराज्यपाल बोर्ड के चेयरमैन होते हैं। अधिनियम की सेक्शन 16 के तहत बोर्ड को यात्रा और यात्रा प्रबंधन संबंधी अहम जिम्मेदारियां होती हैं। बोर्ड में सीईओ के अलावा अतिरिक्त सीईओ, दो उप सीईओ, मुख्य अकाउंट अधिकारी, जनरल मैनेजर (कार्य) सहित अन्य स्टाफ रहता है। मौजूदा बोर्ड के नौ सदस्यों में पं. भजन सोपोरी, डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी, डीसी रैना, प्रो. अनिता बिलावरिया, स्वामी अवदेशानंद गिरि जी महाराज, डॉ. सीएम सेठ, डॉ. सुदर्शन कुमार, तृप्ता धवन, प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री शामिल हैं।
वहीं, यात्रा की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बोर्ड की ओर से यात्रा रूट, पवित्र गुफा सहित अन्य स्थलों के लिए सिविल कार्य और दूसरे कार्यों के लिए निविदाएं जारी की जा रही हैं। इस बार श्रीनगर से बालटाल के लिए भी हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की योजना है। अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के लिए 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से डॉक्टरों की सूची और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों की सूची मांगी गई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर समेत 16 राज्यों ने सूची दी है। अगले कुछ दिन में इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। अप्रैल में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित डॉक्टरों द्वारा अनिवार्य प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे और यही पंजीकरण के लिए अनिवार्य होंगे।
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श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड का गठन जम्मू कश्मीर विधानमंडल 2000 अधिनियम के तहत किया गया है। इसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की जिम्मेदारी दी जाती है, जबकि वर्तमान राज्यपाल या उपराज्यपाल बोर्ड के चेयरमैन होते हैं। अधिनियम की सेक्शन 16 के तहत बोर्ड को यात्रा और यात्रा प्रबंधन संबंधी अहम जिम्मेदारियां होती हैं। बोर्ड में सीईओ के अलावा अतिरिक्त सीईओ, दो उप सीईओ, मुख्य अकाउंट अधिकारी, जनरल मैनेजर (कार्य) सहित अन्य स्टाफ रहता है। मौजूदा बोर्ड के नौ सदस्यों में पं. भजन सोपोरी, डॉ. देवी प्रसाद शेट्टी, डीसी रैना, प्रो. अनिता बिलावरिया, स्वामी अवदेशानंद गिरि जी महाराज, डॉ. सीएम सेठ, डॉ. सुदर्शन कुमार, तृप्ता धवन, प्रो. विश्वमूर्ति शास्त्री शामिल हैं।
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वहीं, यात्रा की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बोर्ड की ओर से यात्रा रूट, पवित्र गुफा सहित अन्य स्थलों के लिए सिविल कार्य और दूसरे कार्यों के लिए निविदाएं जारी की जा रही हैं। इस बार श्रीनगर से बालटाल के लिए भी हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने की योजना है। अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के लिए 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से डॉक्टरों की सूची और मान्यता प्राप्त चिकित्सा संस्थानों की सूची मांगी गई है, जिसमें जम्मू-कश्मीर समेत 16 राज्यों ने सूची दी है। अगले कुछ दिन में इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। अप्रैल में अग्रिम यात्री पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने से पहले संबंधित डॉक्टरों द्वारा अनिवार्य प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे और यही पंजीकरण के लिए अनिवार्य होंगे।
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