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बच्चों को स्कूलों में मिलेगा तनाव मुक्त माहौल, संभाग के एक हजार शिक्षण संस्थानों में हैप्पीनेस जोन बनाए गए
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जम्मू। जम्मू संभाग में पिछले दो साल बाद स्कूलों में पहुंच रहे बच्चों को तनाव मुक्त माहौल दिया जा रहा है। कोविड महामारी के कारण भावनात्मक और व्यवहारिक मुद्दों से बच्चों में तनाव, चिंता और भय का माहौल होना लाजमी है। इन परिस्थितियों को दूर करने के लिए संभाग के 1000 सरकारी स्कूलों में हैप्पीनेस जोन बनाकर बच्चों को मनो सामाजिक सहायता प्रदान की जा रही है।
मध्य और उच्च माध्यमिक तक के स्कूल परिसरों में बनाए गए हैप्पीनेस जोन में बच्चे बिना किसी हिचकिचाहट और गोपनीय तरीके से अपनी समस्या और भावनाओं को रख सकेंगे। शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशों के बाद शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में इस तरह के और जोन बनाए जाएंगे। विद्यालयों के परामर्श प्रकोष्ठों में कार्यरत प्रशिक्षित संकायत परामर्शदाता इन जोन में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कई स्कूलों में ऐसे जोन स्थापित कर दिए गए हैं। मनोदर्पण शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को उनके मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए मनो सामाजिक सहायता और परामर्श प्रदान करना है। कोविड महामारी ने बच्चों में भी चिकित्सा चिंता के साथ मिश्रित भावनाएं और मनो सामाजिक तनाव लाया है। परामर्श प्रकोष्ठ डीएसईजे शिक्षकों में परामर्श कौशल विकसिल करने के लिए निमहंस बंगलरू, आईसीपीएस विभाग, बीसीपीए, मनोचिकित्सा विभाग जीएमसी जैसे संस्थानों के सहयोग से शिक्षकों के लिए नियमित क्षमता विकास कार्यक्रम और वेबिनार आयोजित कर रहा है। प्रमुख सचिव बीके सिंह ने हैप्पीनेस जोन बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में राहत देंगे। स्कूल शिक्षा जम्मू के निदेशक डा. रविशंकर शर्मा ने कहा कि हम छात्रों की सुरक्षा के लिए एक स्वस्थ और मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित वातावरण दे रहे हैं। बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सुनिश्चित बनाया जा रहा है। परामर्श प्रकोष्ठ के प्रभारी डा. रोमेश कुमार शर्मा ने हैप्पीनेस जोन के गठन से स्कूलों में व्यक्तिगत मार्गदर्शन और परामर्श की संस्कृति का निर्माण होगा। छात्रों का समग्र कल्याण सुनिश्चित होगा।
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मध्य और उच्च माध्यमिक तक के स्कूल परिसरों में बनाए गए हैप्पीनेस जोन में बच्चे बिना किसी हिचकिचाहट और गोपनीय तरीके से अपनी समस्या और भावनाओं को रख सकेंगे। शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशों के बाद शीतकालीन क्षेत्रों के स्कूलों में इस तरह के और जोन बनाए जाएंगे। विद्यालयों के परामर्श प्रकोष्ठों में कार्यरत प्रशिक्षित संकायत परामर्शदाता इन जोन में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। कई स्कूलों में ऐसे जोन स्थापित कर दिए गए हैं। मनोदर्पण शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों को उनके मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए मनो सामाजिक सहायता और परामर्श प्रदान करना है। कोविड महामारी ने बच्चों में भी चिकित्सा चिंता के साथ मिश्रित भावनाएं और मनो सामाजिक तनाव लाया है। परामर्श प्रकोष्ठ डीएसईजे शिक्षकों में परामर्श कौशल विकसिल करने के लिए निमहंस बंगलरू, आईसीपीएस विभाग, बीसीपीए, मनोचिकित्सा विभाग जीएमसी जैसे संस्थानों के सहयोग से शिक्षकों के लिए नियमित क्षमता विकास कार्यक्रम और वेबिनार आयोजित कर रहा है। प्रमुख सचिव बीके सिंह ने हैप्पीनेस जोन बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में राहत देंगे। स्कूल शिक्षा जम्मू के निदेशक डा. रविशंकर शर्मा ने कहा कि हम छात्रों की सुरक्षा के लिए एक स्वस्थ और मनोवैज्ञानिक रूप से सुरक्षित वातावरण दे रहे हैं। बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सुनिश्चित बनाया जा रहा है। परामर्श प्रकोष्ठ के प्रभारी डा. रोमेश कुमार शर्मा ने हैप्पीनेस जोन के गठन से स्कूलों में व्यक्तिगत मार्गदर्शन और परामर्श की संस्कृति का निर्माण होगा। छात्रों का समग्र कल्याण सुनिश्चित होगा।
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