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जम्मू में 37 ऑफ बीट पर्यटन स्थल होंगे विकसित ः एलजी
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जम्मू। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 37 ऑफबीट स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही 80 करोड़ की लागत से मानतलाई वेलनेस सेंटर और भगवती नगर में एमेयूजमेंट पार्क का काम अगले महीने पूरा हो जाएगा। वह बाग-ए-बाहु में वाटर म्यूजिकल फाउंटेन, साउंड एंड लाइट शो के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू संभाग में पर्यटन की अपार क्षमता है और इसके विस्तार के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संस्कृति, खानपान, परंपरा, कला को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम करवाए जाएंगे। प्रसाद योजना के तहत केंद्र की ओर से 91.50 करोड़ की लागत से कटड़ा में तीर्थ यात्री सुविधाएं और 38 करोड़ रुपये की लागत से शिव शक्तिधाम तथा छोटी गंगा टूरिज्म परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। जम्मू कश्मीर में 75 नए पर्यटन स्थलों का विस्तार किया जा रहा है।
उपराज्यपाल ने कहा कि मानतलाई, वेलनेस सेंटर और भगवती नगर में पार्क का निर्माण मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। आस्था, सनातम धर्म और प्रकृति के उपहार की नगरी बाग-ए-बाहू को सौंदर्य और विस्तार का नया रूप प्रदान किया गया है। डुग्गर संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को नए अंदाज को देश दुनिया में पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जम्मू की खूबसूरती को आधुनिकीकरण से निखारा जा रहा है। वर्ष 2016 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन किन्ही कारणों से देरी हुई। 2014 में देश में बदलाव हुआ और राजनीतिक सरकारों के साथ देश की संस्कृति में भी बदलाव आया है। वर्ष 2019 के बाद जम्मू कश्मीर में विकास ने गति पकड़ी है। पर्यटकों को जम्मू की प्राचीन धरोहरों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। पर्यटन सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाता है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ बेहतर प्रबंधन और रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। पर्यटन स्थलों के विस्तार के लिए संपर्क साधनों को बढ़ाया जा रहा है। एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली ढांचा परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
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पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क का विस्तार होगा
उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यटन स्थलों तक सड़क संपर्क का विस्तार किया जा रहा है। जम्मू से श्रीनगर के लिए जल्द ही सड़क यात्रा को साढ़े चार घंटे के लिए बनाया जाएगा। जम्मू संभाग में दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस वे का जल्द काम शुरू किया जा रहा है। सुचेतगढ़ रिट्रीट सेरेमनी को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय सड़क का विस्तार होगा।
साहित्य उत्सव होंगे
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू संभाग में डोगरी, पहाड़ी, पंजाबी भाषा में साहित्य का अदभुत खजाना है। अब आधिकारिक रूप से साहित्य उत्सव करवाए जा रहे हैं। हर साल इसका विस्तार किया जा रहा है। डोडा के ठाठी गांव में बिजली और बुनियादी सुविधाएं देकर पर्यटकों को यहां लाया गया है।
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केंद्रीय अभियान में जम्मू के पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहित करें
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र की ‘देखो अपना देश और सभी के लिए पर्यटन’ अभियान में जम्मू संभाग के अधिक से अधिक पर्यटन स्थलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन स्थलों पर स्थानीय स्टालों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस साल के बजट में सीमा पर बसे गांवों के लिए नई पहल की गई है। जम्मू से सटे सीमांत गांवों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इन गांवों में पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू संभाग में पर्यटन की अपार क्षमता है और इसके विस्तार के लिए उचित प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय संस्कृति, खानपान, परंपरा, कला को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम करवाए जाएंगे। प्रसाद योजना के तहत केंद्र की ओर से 91.50 करोड़ की लागत से कटड़ा में तीर्थ यात्री सुविधाएं और 38 करोड़ रुपये की लागत से शिव शक्तिधाम तथा छोटी गंगा टूरिज्म परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। जम्मू कश्मीर में 75 नए पर्यटन स्थलों का विस्तार किया जा रहा है।
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उपराज्यपाल ने कहा कि मानतलाई, वेलनेस सेंटर और भगवती नगर में पार्क का निर्माण मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। आस्था, सनातम धर्म और प्रकृति के उपहार की नगरी बाग-ए-बाहू को सौंदर्य और विस्तार का नया रूप प्रदान किया गया है। डुग्गर संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को नए अंदाज को देश दुनिया में पहुंचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जम्मू की खूबसूरती को आधुनिकीकरण से निखारा जा रहा है। वर्ष 2016 में इस परियोजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन किन्ही कारणों से देरी हुई। 2014 में देश में बदलाव हुआ और राजनीतिक सरकारों के साथ देश की संस्कृति में भी बदलाव आया है। वर्ष 2019 के बाद जम्मू कश्मीर में विकास ने गति पकड़ी है। पर्यटकों को जम्मू की प्राचीन धरोहरों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। पर्यटन सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाता है। बुनियादी ढांचे के विकास के साथ बेहतर प्रबंधन और रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। पर्यटन स्थलों के विस्तार के लिए संपर्क साधनों को बढ़ाया जा रहा है। एक लाख करोड़ रुपये की लागत वाली ढांचा परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
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पर्यटन स्थलों पर सड़क संपर्क का विस्तार होगा
उपराज्यपाल ने कहा कि पर्यटन स्थलों तक सड़क संपर्क का विस्तार किया जा रहा है। जम्मू से श्रीनगर के लिए जल्द ही सड़क यात्रा को साढ़े चार घंटे के लिए बनाया जाएगा। जम्मू संभाग में दो दर्जन से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्सप्रेस वे का जल्द काम शुरू किया जा रहा है। सुचेतगढ़ रिट्रीट सेरेमनी को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय सड़क का विस्तार होगा।
साहित्य उत्सव होंगे
उपराज्यपाल ने कहा कि जम्मू संभाग में डोगरी, पहाड़ी, पंजाबी भाषा में साहित्य का अदभुत खजाना है। अब आधिकारिक रूप से साहित्य उत्सव करवाए जा रहे हैं। हर साल इसका विस्तार किया जा रहा है। डोडा के ठाठी गांव में बिजली और बुनियादी सुविधाएं देकर पर्यटकों को यहां लाया गया है।
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केंद्रीय अभियान में जम्मू के पर्यटन स्थलों को प्रोत्साहित करें
उपराज्यपाल ने कहा कि केंद्र की ‘देखो अपना देश और सभी के लिए पर्यटन’ अभियान में जम्मू संभाग के अधिक से अधिक पर्यटन स्थलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता अभियान पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन स्थलों पर स्थानीय स्टालों को प्राथमिकता दी जाएगी। इस साल के बजट में सीमा पर बसे गांवों के लिए नई पहल की गई है। जम्मू से सटे सीमांत गांवों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। इन गांवों में पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा।