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कठुआ के बाद अब राजोरी एमसी पर 62 लाख रुपये का जुर्माना
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जम्मू। दूसरों को ठोस कचरे के उचित निपटान की सीख देने वाले नगरपालिका परिषद खुद ही पर्यावरण संरक्षण के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से नगरपालिका परिषद कठुआ के बाद अब नगरपालिका परिषद राजोरी (एमसी) पर सालिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के तहत अवैज्ञानिक डंपिंग और ठोस कचरे के निपटान का उल्लंघन करने पर 61.80 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा (जुर्माना) लगाया गया है। एमसी राजोरी के कार्यकारी अधिकारी को पर्यावरण मुआवजा राशि अकाउंट में आदेश के 45 दिन के भीतर जमा करवानी होगी, जिसके बाद 12 फीसदी ब्याज लगाया जाएगा।
प्रदूषण नियंत्रण समिति की रिपोर्ट के अनुसार एमसी राजोरी की ओर से राजोरी तवी नदी में अवैज्ञानिक ढंग से डंपिंग और ठोस कचने के उचित निपटान का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। इसके लिए समिति के फील्ड स्टाफ ने फोटोग्राफी सबूतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। इसमें 18 अक्तूबर 2021 को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा गया कि क्यों ना आपको पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाए। कई नोटिस के बाद भी तवी नदी राजोरी में अवैध डंपिंग को जारी रखा गया और एमसी राजोरी की ओर से कोई उचित जवाब नही दिया गया। इसके बाद क्षेत्रीय निदेशक प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से पर्यावरण मुआवजा की सिफारिश की गई। इसमें मामले को तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के समक्ष भेजा गया। इसके बाद पर्यावरण कानूनों के विभिन्न सेक्शनों के तहत एमसी राजोरी पर पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। प्रदेश में अन्य कई सरकारी संस्थान भी पर्यावरण कानूनों की धज्जियां उड़ाकर पर्यावरण को दूषित करने का काम कर रहे हैं। इससे पहले नगरपालिका परिषद कठुआ पर 82.40 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था।
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डंपिंग के लिए उचित वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही : चेयरमैन
नगरपालिका परिषद राजोरी के चेयरमैन आरिफ जट्ट ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से एमसी राजोरी पर पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। भविष्य में डंपिंग के लिए उचित वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही है, जिससे नदियों को पर्यावरण सुरक्षित बनाया जा सके और जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा।
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प्रदूषण नियंत्रण समिति की रिपोर्ट के अनुसार एमसी राजोरी की ओर से राजोरी तवी नदी में अवैज्ञानिक ढंग से डंपिंग और ठोस कचने के उचित निपटान का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। इसके लिए समिति के फील्ड स्टाफ ने फोटोग्राफी सबूतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की। इसमें 18 अक्तूबर 2021 को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा गया कि क्यों ना आपको पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाया जाए। कई नोटिस के बाद भी तवी नदी राजोरी में अवैध डंपिंग को जारी रखा गया और एमसी राजोरी की ओर से कोई उचित जवाब नही दिया गया। इसके बाद क्षेत्रीय निदेशक प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से पर्यावरण मुआवजा की सिफारिश की गई। इसमें मामले को तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के समक्ष भेजा गया। इसके बाद पर्यावरण कानूनों के विभिन्न सेक्शनों के तहत एमसी राजोरी पर पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। प्रदेश में अन्य कई सरकारी संस्थान भी पर्यावरण कानूनों की धज्जियां उड़ाकर पर्यावरण को दूषित करने का काम कर रहे हैं। इससे पहले नगरपालिका परिषद कठुआ पर 82.40 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया था।
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डंपिंग के लिए उचित वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही : चेयरमैन
नगरपालिका परिषद राजोरी के चेयरमैन आरिफ जट्ट ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण समिति की ओर से एमसी राजोरी पर पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। भविष्य में डंपिंग के लिए उचित वैकल्पिक स्थान की तलाश की जा रही है, जिससे नदियों को पर्यावरण सुरक्षित बनाया जा सके और जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा।
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