फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu and Kashmir: Aadhar and mobile number of land owners will be included in the revenue record, the administration has issued notification

जम्मू-कश्मीर: राजस्व रिकॉर्ड में जुड़ेगा भूमि मालिकों का आधार और मोबाइल नंबर, प्रशासन ने जारी की अधिसूचना

Fri, 28 Jan 2022 01:39 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Fri, 28 Jan 2022 01:39 AM IST
सार

भूमि पासबुक का आवेदन करने के लिए भूमि मालिकों को अपना नाम, राजस्व गांव, पटवार हल्का, खसरा नंबर, खाता नंबर और खेवत नंबर के साथ साथ मोबाइल नंबर और आधार नंबर भी भरना होगा। राजस्व विभाग के आयुक्त सचिव विजय कुमार बिदुरी ने अधिसूचना जारी कर दी है। 

विज्ञापन
Jammu and Kashmir: Aadhar and mobile number of land owners will be included in the revenue record, the administration has issued notification
आधार कार्ड - फोटो : iStock

विस्तार

राजस्व रिकॉर्ड में भूमि मालिकों का आधार और मोबाइल नंबर जुड़ेगा। इस संबंध में विभाग की तरफ से बकायदा जम्मू-कश्मीर भूमि पासबुक नियम 2022 के तहत अधिसूचना जारी कर दी गई है। भूमि पासबुक का आवेदन करने के लिए भूमि मालिकों को अपना नाम, राजस्व गांव, पटवार हल्का, खसरा नंबर, खाता नंबर और खेवत नंबर के साथ साथ मोबाइल नंबर और आधार नंबर भी भरना होगा।

विज्ञापन


राजस्व विभाग के आयुक्त सचिव विजय कुमार बिदुरी ने अधिसूचना जारी कर दी है। भूमि पासबुक नियम आधिकारिक परिपत्र (गजेट) जारी होने के दिन से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएंगे। भूमि पासबुक तीन भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी और उर्दू में डिजिटल माध्यम से 15 अगस्त 2022 से भूमि मालिकों को उपलब्ध होगी।
विज्ञापन


इसके लिए 100 रुपये फीस जमा करवानी होगी। भूमि पासबुक में दर्ज पूरे रिकॉर्ड का राजस्व विभाग की तरफ से सत्यापन किया जाएगा।भूमि मालिकों के राजस्व रिकॉर्ड को लेकर अदालतों व बैंकों में भी पासबुक की वैद्यता होगी। वित्तीय संस्थानों से वित्तीय सहायता के लिए भी भूमि पासबुक को दस्तावेज के रूप में प्रयोग में लाया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्व विभाग के आयुक्त सचिव विजय कुमार बिदुरी के अनुसार भूमि पासबुक में आधार नंबर और मोबाइल नंबर को जोड़े जाने से भूमि मालिकों को लाभ ही पहुंचेगा। उदाहरण के तौर पर भूमि मालिक अपनी जमीन बेच रहा होगा या उक्त खसरा नंबर में उसका कोई पड़ोसी या रिश्तेदार जमीन बेच रहा होगा तो राजस्व विभाग की तरफ से मोबाइल नंबर दर्ज होने पर उसे भी सूचित किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed