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विकास धनराशि के लैप्स होने से नाराज हैं पंचायत प्रतिनिधि
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जम्मू। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 10 जनवरी को सुबह 11 बजे नागरिक सचिवालय जम्मू में जम्मू संभाग के जिला विकास परिषद (डीडीसी) अध्यक्षों की संवाद बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि पंचायतों के विकास के लिए आई धनराशि के समय पर उपयोग न करने और उसके लैप्स होने का मुद्दा बैठक में उठाया जाएगा। धनराशि के उचित प्रयोग के मुद्दे पर पंचायती राज संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधि खासे नाराज हैं। इस चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक 70 फीसदी धनराशि लैप्स होने की बात कही जा रही है। इसका मुख्य कारण ई निविदा के माध्यम से समय पर निविदाएं नहीं करना है, जिससे विकास कार्य शुरू ही नहीं हो पाए और पंचायत प्रतिनिधियों को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।
इससे पहले उपराज्यपाल और मुख्य सचिव ने वर्चुअल मोड के माध्यम से डीडीसी सदस्यों के साथ बैठक की थी, जिसके बाद भौतिक तौर पर पहली बार सीधी संवाद बैठक बुलाई जा रही है। पंचायतों में विकास कार्य शुरू न होने के कारण जनप्रतिनिधि पहले ही नाराज हैं। उनका कहना है कि अगर धनराशि के उपयोग के लिए तय मानकों का पालन किया जाता है, तो 70 फीसदी तक की राशि दिसंबर में लैप्स हो जाएगी। उन्होंने प्रदेश प्रशासन से धनराशि के उपयोग के लिए आई राशि में राहत देने की मांग की है। बताया जा रहा है कि डीडीसी की 7 करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो रही है। जिसमें चालू वित्त वर्ष में अब तक कुछ फीसदी ही काम शुरू हो पाए हैं। जिसमें छोटी धनराशि वाली निविदाएं न के बराबर होने से छोटे कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।
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इससे पहले उपराज्यपाल और मुख्य सचिव ने वर्चुअल मोड के माध्यम से डीडीसी सदस्यों के साथ बैठक की थी, जिसके बाद भौतिक तौर पर पहली बार सीधी संवाद बैठक बुलाई जा रही है। पंचायतों में विकास कार्य शुरू न होने के कारण जनप्रतिनिधि पहले ही नाराज हैं। उनका कहना है कि अगर धनराशि के उपयोग के लिए तय मानकों का पालन किया जाता है, तो 70 फीसदी तक की राशि दिसंबर में लैप्स हो जाएगी। उन्होंने प्रदेश प्रशासन से धनराशि के उपयोग के लिए आई राशि में राहत देने की मांग की है। बताया जा रहा है कि डीडीसी की 7 करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो रही है। जिसमें चालू वित्त वर्ष में अब तक कुछ फीसदी ही काम शुरू हो पाए हैं। जिसमें छोटी धनराशि वाली निविदाएं न के बराबर होने से छोटे कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।
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