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जितेंद्र सिंह बोले: अगले साल तक 30 एसटीआई स्थापित करेगी सरकार, 20 हजार लोगों को मिलेगा लाभ
Tue, 16 Nov 2021 02:00 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 02:00 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सतत विकास के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की क्षमता का उपयोग करने के लिए समुदाय की क्षमताओं और योग्यताओं को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है।
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में 2022 के अंत तक अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए 30 विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार जनजातीय समुदायों के बीच वैज्ञानिक प्रतिभा को बढ़ावा देने और उनके समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए यह केंद्र स्थापित कर रही है। वह आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में दिल्ली में टेक एनईईवी के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आदिवासी समुदायों के लोगों सहित कई सफ ल स्टार्टअप के साथ बातचीत भी की।
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उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के लिए प्रस्तावित 75 एसटीआई केंद्र में से 20 पहले ही विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित किए जा चुके हैं। यह कृषि, गैर-कृषि और अन्य संबद्ध आजीविका क्षेत्रों में फैले विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से 20,000 लोगों को सीधे लाभान्वित करेंगे।
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वोकल फॉर लोकल विषय को रेखांकित करते हुए कहा कि विज्ञान सार्वभौमिक है, लेकिन आम आदमी के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले जीवन और जीवन को आसान बनाने के लिए सस्ती स्वास्थ्य देखभाल, आवास, स्वच्छ हवा-पानी और ऊर्जा, कृषि उत्पादकता और खाद्य प्रसंस्करण इत्यादि की समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय जरूरतों और हालात के अनुसार प्रौद्योगिकी स्थानीय होनी चाहिए।
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