जम्मू-कश्मीर: बुजुर्गों-दिव्यांगों की जगह नामित व्यक्ति भी ले सकेगा राशन, वन नेशन वन राशन कार्ड में प्रदेश की छठी रैंक
जम्मू-कश्मीर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के विभाग की ओर से नामांकन नीति बनाया जा रहा है जो जल्द लागू होगा। इस नीति के तहत बुजुर्ग या दिव्यांग खाताधारक किसी एक व्यक्ति को नामांकित कर सकता है। उस व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाने के बाद विभाग उसे संबंधित खाताधारक का राशन लेने के लिए अधिकृत कर देगा। इससे बुजुर्गों और दिव्यांगों को राशन की दुकान तक जाने से छुटकारा मिलेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के कामकाज की सोमवार को समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि राशन कार्ड को आधार से लिंक करने का काम 31 जुलाई तक पूरा कर लिया जाए। प्रदेश में राशन का वितरण ऑनलाइन बायोमीट्रिक सिस्टम से ही होगा। 31 जुलाई तक फर्जी लाभार्थी योजना से बाहर होंगे। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
बैठक में बताया गया कि विभाग की तरफ से 6738 उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के नेटवर्क के माध्यम से अत्यधिक रियायती और सस्ती कीमतों पर खाद्यान्न का समय पर और कुशल वितरण किया जा रहा है। माह मई 2021 में लाभार्थियों को 1.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न वितरित किया गया है।
मुख्य सचिव ने विभाग को सभी 6738 एफपीएस पर राशन की ऑनलाइन बायोमेट्रिक-प्रमाणित बिक्री को संचालित करने के अलावा 31 जुलाई 2021 तक शत प्रतिशत आधार नामांकन के माध्यम से फर्जी लाभार्थियों को बाहर निकालने का निर्देश दिया। खाद्यान्न की बर्बादी और चोरी को रोकने के लिए शुरू से अंत तक कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने विभाग को निर्देश दिया कि उनके भंडारण और परिवहन की ऑनलाइन निगरानी सभी दुकानों और एफपीएस में लागू की जाए।
यह भी पढ़ें- जम्मू: सेना में भर्ती होने के सपनों पर कोरोना ने लगाई ब्रेक, मांग- इस वजह से दो साल की विशेष छूट मिले
वन नेशन वन राशन कार्ड में प्रदेश को छठी रैंकिंग
मुख्य सचिव ने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड के तहत हुए कामकाज में जम्मू-कश्मीर की छठी रैंकिंग आई है। मुख्य सचिव ने केंद्र शासित प्रदेश में योजना को कुशलतापूर्वक लागू करने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग की सराहना की। एक राष्ट्र एक राशन कार्ड प्रणाली एक महत्वपूर्ण नागरिक केंद्रित सुधार है और इसका कार्यान्वयन देश भर में पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लाभार्थियों को राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।