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अखनूर में रात 8:30 बजे ब्लैक आउट, घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद रहीं
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अखनूर। अखनूर में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल की गई। इस दौरान आगजनी, विस्फोट और अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। रात 8:30 बजे ब्लैक आउट किया गया। इसमें लोगों ने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद रख सहयोग किया। अभ्यास के जरिये विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को मजबूत किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान दिखाया गया कि किसी हादसे के बाद किस तरह अग्निशमन विभाग आग पर काबू पाएगा। इसके अलावा पुलिस क्षेत्र को सुरक्षित कर भीड़ नियंत्रण कैसे करेगी। स्वास्थ्य विभाग घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाएगा और सिविल डिफेंस व म्युनिसिपल प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों तक कैसे पहुंचाएगा। आपदा के दौरान किसे पहले सुरक्षित निकालना है और किसे प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल भेजना है, इसका भी विस्तृत प्रदर्शन किया गया।
इस मॉक ड्रिल में एसडीएम अखनूर मुख्तार अहमद लोन, एसडीपीओ अखनूर वरिंदर गुप्ता, थाना प्रभारी राजेश जसरोटिया, तहसीलदार नरेश कुमार सहित सिविल प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
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इसी क्रम में रात 8:30 बजे ब्लैकआउट भी किया गया। इसमें पूरे क्षेत्र में लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद रखकर प्रशासन के निर्देशों का पालन किया। इस दौरान आपात स्थिति में समन्वित कार्रवाई और संसाधनों के बेहतर उपयोग की तैयारी को परखा गया।
प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने आम नागरिकों के सहयोग को इस अभ्यास की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
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मॉक ड्रिल के दौरान दिखाया गया कि किसी हादसे के बाद किस तरह अग्निशमन विभाग आग पर काबू पाएगा। इसके अलावा पुलिस क्षेत्र को सुरक्षित कर भीड़ नियंत्रण कैसे करेगी। स्वास्थ्य विभाग घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाएगा और सिविल डिफेंस व म्युनिसिपल प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों तक कैसे पहुंचाएगा। आपदा के दौरान किसे पहले सुरक्षित निकालना है और किसे प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल भेजना है, इसका भी विस्तृत प्रदर्शन किया गया।
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इस मॉक ड्रिल में एसडीएम अखनूर मुख्तार अहमद लोन, एसडीपीओ अखनूर वरिंदर गुप्ता, थाना प्रभारी राजेश जसरोटिया, तहसीलदार नरेश कुमार सहित सिविल प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
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इसी क्रम में रात 8:30 बजे ब्लैकआउट भी किया गया। इसमें पूरे क्षेत्र में लोगों ने अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद रखकर प्रशासन के निर्देशों का पालन किया। इस दौरान आपात स्थिति में समन्वित कार्रवाई और संसाधनों के बेहतर उपयोग की तैयारी को परखा गया।
प्रशासन ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने आम नागरिकों के सहयोग को इस अभ्यास की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।