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Jammu News: जम्मू जिले में पहली बार सरकारी स्कूलों का बेसलाइन सर्वे
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अखनूर। सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिले में पहली बार 5वीं कक्षा के विद्यार्थियों की एक विशेष परीक्षा आयोजित की गई। इसे बेसलाइन सर्वे कहा जा रहा है। जिला उपायुक्त सचिन कुमार वैश्य के निर्देश पर ये परीक्षा आयोजित की गई।
यह सर्वे जिला प्रशासन जम्मू द्वारा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से करवाया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक योग्यता (विशेषकर गणित, हिंदी और अंग्रेज़ी विषयों में) का आकलन करना है। परीक्षा का आयोजन जिला उपायुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गए पेपर से हुआ। इसकी निगरानी क्लस्टर हेड और स्कूल प्रिंसिपलों द्वारा सीसीटीवी कैमरों के अंतर्गत की गई। इस सर्वे से पहले शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।
अखनूर के जोनल एजुकेशन अधिकारी एसके बजाज ने बताया कि इस पहल को लेकर बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। सर्वे के परिणामों के आधार पर आगे की शिक्षा नीतियों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
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जिला शिक्षा एवं योजना अधिकारी बीडी शर्मा ने बताया कि यह परीक्षा जिला प्रशासन द्वारा सरकारी स्कूलों में प्राइमरी स्तर के बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक योग्यता का आंकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। जिन बच्चों का प्रदर्शन इस परीक्षा में अपेक्षित स्तर से कमजोर पाया गया है, उनके लिए विशेष रेमेडियल कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
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यह सर्वे जिला प्रशासन जम्मू द्वारा प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से करवाया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक योग्यता (विशेषकर गणित, हिंदी और अंग्रेज़ी विषयों में) का आकलन करना है। परीक्षा का आयोजन जिला उपायुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गए पेपर से हुआ। इसकी निगरानी क्लस्टर हेड और स्कूल प्रिंसिपलों द्वारा सीसीटीवी कैमरों के अंतर्गत की गई। इस सर्वे से पहले शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया।
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अखनूर के जोनल एजुकेशन अधिकारी एसके बजाज ने बताया कि इस पहल को लेकर बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। सर्वे के परिणामों के आधार पर आगे की शिक्षा नीतियों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
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जिला शिक्षा एवं योजना अधिकारी बीडी शर्मा ने बताया कि यह परीक्षा जिला प्रशासन द्वारा सरकारी स्कूलों में प्राइमरी स्तर के बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक योग्यता का आंकलन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। जिन बच्चों का प्रदर्शन इस परीक्षा में अपेक्षित स्तर से कमजोर पाया गया है, उनके लिए विशेष रेमेडियल कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।