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जम्मू कश्मीर: न बैक्टीरिया न वायरस 'अज्ञात बीमारी' की चपेटे में राजोरी का ये गांव, कैसे थमेगी मौतों की संख्या?
Thu, 23 Jan 2025 07:04 PM IST
अनुज कुमार
एजेंसी, जम्मू
एजेंसी, जम्मू
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 23 Jan 2025 07:04 PM IST
सार
राजकीय मेडिकल कॉलेज राजोरी के प्रिंसिपल डॉ. अमरजीत सिंह भाटिया ने मौतों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए सरकार के प्रयासों का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वायरल संक्रमण का कोई सबूत नहीं है, क्योंकि स्वास्थ्यकर्मी डेढ़ महीने बाद भी इससे अप्रभावित हैं।
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वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू कश्मीर के राजोरी जिले बड्डाल गांव अज्ञात बीमारी के चपेट में आ गया है। जिसकी वजह से इस गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही प्रभावित परिवारों के घरों को सील कर दिया गया है। गुरुवार को कुछ मरीजों को जीएमसी यानी जिले के मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
स्वास्थय विभाग उठा रहा अहम कदम
डॉक्टर भाटिया ने कहा कि इस बिमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ विभाग द्वारा अहम कदम उठाए जा रहे हैं। हम मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अज्ञात बिमारी से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन, स्थानीय नेता विधायक, सांसद और मंत्री हर संभव मदद में जुटे हैं। ताकि बिमारी से मौतों की संख्या को और बढ़ने से रोका जा सके।
'वायरस का कोई सबूत नहीं'
न्यूज एजेंसी एएनआई के रिपोर्टर ने पूछा कि क्या यह बिमारी वायरस है? जवाब में डॉक्टर ने कहा कि वायरस होने का कोई सबूत नहीं है। क्योंकि हमने देखा कि स्वास्थ्य सेवा कर्मी पिछले डेढ़ महीने से अज्ञात बिमारी की चपेट में आए लोगों के बीच में रह रहे हैं। लेकिन कोई भी बीमार नहीं पड़ा है। लिहाजा हमें डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, डॉक्टर ने आगे ये भी कहा, चूंकि हम एक अज्ञात बिमारी से या यूं कह सकते हैं कि अदृश्य दुश्मन से लड़ रहे हैं। इसलिए हम सभी को सतर्कता से कदम उठाने की जरूरत है।
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'मरीजों को क्वारंटीन नहीं शिफ्ट कर रहे हैं'
रिपोर्ट ने पूछा कि मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा है। क्या यह क्वारंटीन है? सवाल के जवाब पर डॉक्टर भाटिया ने कहा कि यह कोई क्वारंटीन नहीं है। हम सिर्फ मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों की सहायता से अस्पष्ट मौतों की जांच शुरू का दी है। रैपिड रिस्पांस टीमों को तैनात किया गया है और जल स्रोतों की भी जांच की जा रही।
'लैब परीक्षण में भी वायरस की पुष्टि नहीं'
इस बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि सीएसआईआर के तहत लखनऊ में एक विष विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा एक परीक्षण किया गया। प्रारंभिक परीक्षणों से किसी भी संक्रमण, वायरस या बैक्टीरिया का कोई संकेत नहीं मिला।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने गांव का दौरा किया
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजोरी के बड्डाल गांव का दौरा किया। बीमारी से प्रभावित नागरिकों को जल्द ही सब ठीक हो जाने का आश्वासन दिया। सीएम ने संवाददाताओं से कहा कि जिस दिन हमें सूचना मिली, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के साथ मिलकर ऐसी घटनाओं के पीछे के कारणों को समझने के लिए काम शुरू किया गया। परीक्षण किए गए। जिसमें हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि उन मौतों का कारण कोई बैक्टीरिया या वायरस नहीं था।
मौतों के पीछे के कारण पता किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पाया कि ये सभी मौतें तीन परिवारों में हुई थीं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अभी भी इन मौतों के पीछे के कारण का पता लगाना है, लेकिन हमें अभी भी 17 मौतों के पीछे का कारण पता लगाना है। क्योंकि यह कोई बीमारी नहीं है, इसलिए पुलिस भी इसमें शामिल है और उन्होंने मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई है।
केंद्र सरकार की टीम भी मौजूद
केंद्र सरकार की भी टीम वहां है और हम मिलकर इन सभी मौतों के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए घटनाओं की जांच करेंगे। सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले छह सप्ताह में हुई तीन घटनाओं में अस्पष्टीकृत मौतों के कारणों की जांच के लिए गृह मंत्रालय के नेतृत्व में एक अंतर मंत्रालयीय टीम के गठन का भी आदेश दिया था।
क्या है मामला
बता दें कि बुधाल गांव में 17 दिसंबर से तीन परिवारों के 17 सदस्य इस रहस्यमयी बीमारी से दम तोड़ चुके हैं। मरने वालों में छह बच्चे भी शामिल हैं। कई अन्य लोग अभी भी बीमार हैं। मंगलवार शाम से अब तक पांच और लोग बीमार हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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स्वास्थय विभाग उठा रहा अहम कदम
डॉक्टर भाटिया ने कहा कि इस बिमारी की रोकथाम के लिए स्वास्थ विभाग द्वारा अहम कदम उठाए जा रहे हैं। हम मरीजों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस अज्ञात बिमारी से निपटने के लिए सरकार, प्रशासन, स्थानीय नेता विधायक, सांसद और मंत्री हर संभव मदद में जुटे हैं। ताकि बिमारी से मौतों की संख्या को और बढ़ने से रोका जा सके।
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'वायरस का कोई सबूत नहीं'
न्यूज एजेंसी एएनआई के रिपोर्टर ने पूछा कि क्या यह बिमारी वायरस है? जवाब में डॉक्टर ने कहा कि वायरस होने का कोई सबूत नहीं है। क्योंकि हमने देखा कि स्वास्थ्य सेवा कर्मी पिछले डेढ़ महीने से अज्ञात बिमारी की चपेट में आए लोगों के बीच में रह रहे हैं। लेकिन कोई भी बीमार नहीं पड़ा है। लिहाजा हमें डरने की जरूरत नहीं है। हालांकि, डॉक्टर ने आगे ये भी कहा, चूंकि हम एक अज्ञात बिमारी से या यूं कह सकते हैं कि अदृश्य दुश्मन से लड़ रहे हैं। इसलिए हम सभी को सतर्कता से कदम उठाने की जरूरत है।
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'मरीजों को क्वारंटीन नहीं शिफ्ट कर रहे हैं'
रिपोर्ट ने पूछा कि मरीजों को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा रहा है। क्या यह क्वारंटीन है? सवाल के जवाब पर डॉक्टर भाटिया ने कहा कि यह कोई क्वारंटीन नहीं है। हम सिर्फ मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे हैं। डॉक्टर ने बताया कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने देशभर के स्वास्थ्य संस्थानों की सहायता से अस्पष्ट मौतों की जांच शुरू का दी है। रैपिड रिस्पांस टीमों को तैनात किया गया है और जल स्रोतों की भी जांच की जा रही।
'लैब परीक्षण में भी वायरस की पुष्टि नहीं'
इस बीच बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि सीएसआईआर के तहत लखनऊ में एक विष विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा एक परीक्षण किया गया। प्रारंभिक परीक्षणों से किसी भी संक्रमण, वायरस या बैक्टीरिया का कोई संकेत नहीं मिला।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने गांव का दौरा किया
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजोरी के बड्डाल गांव का दौरा किया। बीमारी से प्रभावित नागरिकों को जल्द ही सब ठीक हो जाने का आश्वासन दिया। सीएम ने संवाददाताओं से कहा कि जिस दिन हमें सूचना मिली, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के साथ मिलकर ऐसी घटनाओं के पीछे के कारणों को समझने के लिए काम शुरू किया गया। परीक्षण किए गए। जिसमें हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि उन मौतों का कारण कोई बैक्टीरिया या वायरस नहीं था।
मौतों के पीछे के कारण पता किया जाएगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पाया कि ये सभी मौतें तीन परिवारों में हुई थीं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अभी भी इन मौतों के पीछे के कारण का पता लगाना है, लेकिन हमें अभी भी 17 मौतों के पीछे का कारण पता लगाना है। क्योंकि यह कोई बीमारी नहीं है, इसलिए पुलिस भी इसमें शामिल है और उन्होंने मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई है।
केंद्र सरकार की टीम भी मौजूद
केंद्र सरकार की भी टीम वहां है और हम मिलकर इन सभी मौतों के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए घटनाओं की जांच करेंगे। सीएम ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले छह सप्ताह में हुई तीन घटनाओं में अस्पष्टीकृत मौतों के कारणों की जांच के लिए गृह मंत्रालय के नेतृत्व में एक अंतर मंत्रालयीय टीम के गठन का भी आदेश दिया था।
क्या है मामला
बता दें कि बुधाल गांव में 17 दिसंबर से तीन परिवारों के 17 सदस्य इस रहस्यमयी बीमारी से दम तोड़ चुके हैं। मरने वालों में छह बच्चे भी शामिल हैं। कई अन्य लोग अभी भी बीमार हैं। मंगलवार शाम से अब तक पांच और लोग बीमार हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।