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जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकियों के कई मददगार पकड़े जा चुके, कई अभी भी सक्रिय
Tue, 10 Aug 2021 12:19 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:19 AM IST
सार
तीन दशक से किश्तवाड़ में आतंकी मोहमद अमीन सरूरी अभी भी सक्रिय है, जिसकी तलाश जारी है। युवाओं को बरगला कर आतंकी बना रहे सरूरी की तलाश तेज।
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आतंकवाद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
किश्तवाड़ के दच्छन से दो आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियाें ने लंबे अरसे से सक्रिय मोहम्मद अमीन सरूरी की तलाश तेज कर दी है। सरूरी किश्तवाड़ समेत चिनाब घाटी क्षेत्र में आतंकवाद को फिर से जिंदा करने की फिराक में है। डीआईजी उदय भास्कर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले क्षेत्र को दहलाने की साजिश थी।
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तीन दशक से किश्तवाड़ में आतंकी मोहमद अमीन सरूरी अभी भी सक्रिय है, जिसकी तलाश जारी है। उसे जल्द ही या तो पकड़ लिया जाएगा और ढेर कर दिया जाएगा। डीआईजी ने कहा कि जिले में दहशतगर्दों के कई मददगार होने की आशंका है। इनमें से कुछ पकड़े गए हैं, लेकिन अभी भी कई सक्रिय हैं।
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आशंका है कि ये दोनों आतंकी भी पहले मददगार ही थे, तभी उनके पास इतना गोला बारूद मिला है। वह पांच अगस्त से ही पुलिस की नजर में आ गए थे। सूत्रों के अनुसार इन दोनों को आतंकी बनाने में जहांगीर सरूरी का ही हाथ है। वह युवकों को बरगला कर आतंकी बनाने की कोशिश में है।
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तीन साल में बढ़ीं गतिविधियां
किश्तवाड़ में आतंकवाद फिर से सिर उठाने की कोशिश में है। तीन साल से शहर में लगातार कई वारदातें अंजाम देकर आतंकी अपनी मौजूदगी का अहसास करवा रहे हैं। इनमें परिहार भाइयों की हत्या, डीसी के अंगरक्षक की सर्विस राइफल छीनना, आरएसएस नेता चंद्रकात की हत्या, पीडीपी नेता नासिर शेख के निवास पर उसे बंधक बना कर अंगरक्षक की राइफल छीनना आदि कई वारदातों को अंजाम दिया गया है। तीन आतंकी इन वारदातों में शामिल थे, जिन्हें रामबन जिले के बटोत के पास सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।