जम्मू-कश्मीर: घरों तक पाइप से पहुंचेगी रसोई गैस, इंडियन ऑयल को मिला जम्मू संभाग के पांच जिलों में पीएनजी पहुंचाने का का काम
प्रदेश में दो साल के भीतर पहले चरण में कठुआ, सांबा, जम्मू, रियासी और उधमपुर को मिलेगा लाभ। इंडियन ऑयल आंतरिक लाइन, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया बिछाएगी मुख्य पाइप लाइन।
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जम्मू-कश्मीर में अगले कुछ वर्षों में दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों की तर्ज पर एलपीजी गैस सिलिंडर के झंझट से निजात मिलेगी। गैस पाइप लाइन योजना के तहत घरों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। बठिंडा से जम्मू-कश्मीर तक मुख्य पाइपलाइन का काम गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (गेल) कर रही है, जबकि इंडियन ऑयल को प्रदेश में आंतरिक पाइपलाइन बिछाने का काम मिला है। भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहले चरण में जम्मू संभाग के पांच जिलों कठुआ, सांबा, जम्मू, रियासी और उधमपुर में दो साल के भीतर पीएनजी आपूर्ति की जाएगी।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से गैस पाइप लाइन को राजधानी श्रीनगर तक पहुंचाया जाएगा। इसमें जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने पर भी घाटी में घरेलू गैस की आपूर्ति जारी रहेगी। राष्ट्रीय स्तर पर गैस पाइप लाइन को जालंधर से गुरदासपुर तक लाया जा चुका है। इसके बाद गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को आगे गैस पाइप लाइन बिछाने का काम दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में जम्मू संभाग के जिला जम्मू, कठुआ, सांबा, रियासी और उधमपुर में पाइप लाइन (सिटी वितरण) से घर-घर तक गैस पहुंचाई जाएगी। इसका हाल ही में इंडियन ऑयल को काम दिया गया है। इन जिलों का चयन वहां की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए किया गया है।
इस योजना में अगर जम्मू-कश्मीर तक गैस पाइप लाइन पहुंचने में देरी भी होती है तो संबंधित कंपनी आंतरिक पाइप लाइन बिछाकर घरों पर सिलिंडर के माध्यम से आने वाली गैस को पहुंचाएगी। इस परियोजना का स्वरूप तैयार किया जा रहा है, जिसे अगले डेढ़ से दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में जम्मू-कश्मीर को गैस पाइप लाइन योजना की सौगात मिली थी। हालांकि 2011 में बठिंडा से जम्मू और श्रीनगर के लिए गैस पाइप लाइन का काम शुरू किया गया था, लेकिन कई रुकावटों से यह परियोजना परवान नहीं चढ़ सकी।
एलपीजी से सस्ती व सुरक्षित है पीएनजी
एलपीजी के मुकाबले पीएनजी गैस सस्ती पड़ती है और यह उससे अधिक सुरक्षित है। हवा से हल्की होने के कारण लीक होने पर भी यह हवा के ऊपर चली जाती है, जबकि एलपीजी हवा से भारी होने के कारण नीचे आ जाती है। गैस पाइप लाइन प्रोजेक्ट से जुड़ने वाले प्रदेश के जिलों में 24 घंटे गैस की आपूर्ति हो सकेगी।
घर-घर कनेक्शन के साथ मीटर लगेंगे। जिसमें जरूरत के मुताबिक गैस इस्तेमाल की जा सकेगी। चुनिंदा शहरों के अलावा औद्योगिक क्षेत्रों और अन्य व्यावसायिक प्रयोग के लिए यह परियोजना बेहतर महत्वपूर्ण है। जम्मू-कश्मीर में योजना के तहत 27 लाख लोगों को गैस पाइप लाइन से लाभान्वित करने का लक्ष्य है।
घर-घर तक 24 घंटे गैस की आपूर्ति होगी
इंडियन ऑयल के स्टेट को-ऑर्डिनेटर अंजनी कुमार ने बताया कि पहले चरण में कंपनी को जम्मू संभाग के पांच जिलों का काम मिला है। उनकी कोशिश है कि इसे डेढ़ से दो वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। संबंधित जिलों में पाइप लाइन बिछने के बाद घर-घर तक पीएनजी के कनेक्शन दिए जाएंगे, जिससे निरंतर गैस की आपूर्ति हो सकेगी।
पेट्रोल पंप पर बनेंगे सीएनजी स्टेशन
इंडियन ऑयल के अनुसार चिह्नित पांच जिलों में पेट्रोल पंपों पर सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) स्टेशन बनेंगे। यहां से लोगों को रिटेल में गैस मिलेगी। यह सुविधा घरों तक पाइपलाइन बिछाने से अलग होगी। यानी पाइपलाइन से हटकर भी नेचुरल गैस ली जा सकेगी।