जम्मू कश्मीर लोकसभा चुनाव: दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने औपचारिक घोषणा से पहले ही टेके घुटने, मान ली हार
श्रीनगर से दूसरे स्थान पर रहे पीडीपी उम्मीदवार वहीद पर्रा ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने वर्षों में पहली बार बात की है। अपनी पार्टी के संस्थापक अल्ताफ बुखारी ने कहा कि कश्मीर के नतीजों ने यहां वंशवादी शासन के अंत का संकेत दिया है।
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कश्मीर में लोकसभा चुनाव के नतीजों ने आश्चर्य पैदा कर दिया है। जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को कम जाने-पहचाने उम्मीदवारों से हार का सामना करना पड़ा। इससे ज्यादा चौकाने वाली बात यह भी है कि दोनों मुख्यमंत्रियों ने औपचारिक घोषणा से पहले ही घुटने टेक दिए और हार मान ली।
महबूबा मुफ्ती अनंतनाग-राजोरी सीट पर गुर्जर नेता और नेकां के उम्मीदवार मियां अल्ताफ अहमद से भारी अंतर से हार गईं। वहीं उमर अब्दुल्ला को बारामुला में पूर्व विधायक शेख अब्दुल रशीद उर्फ इंजीनियर रशीद से शिकस्त मिली। उत्तरी कश्मीर की बारामुला सीट पर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन को भी हार का सामना करना पड़ा।
कुपवाड़ा जिले के लंगेट विधानसभा क्षेत्र से 56 वर्षीय पूर्व विधायक शेख अब्दुल रशीद को 2019 में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने उन पर यूएपीए के तहत आरोप लगाया था। वह पहले मुख्यधारा के राजनेता थे, जिन पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। उनका अभियान उनके बेटे अबरार ने चलाया, जिन्होंने लोगों को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
अबरार ने कहा, मैं उन लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने न केवल हमारे अभियान का समर्थन किया, बल्कि अपना प्यार बरसाया और इसे वोटों में भी बदल दिया। जीत या हार हमारे लिए ज्यादा मायने नहीं रखती है। मेरे लिए लोगों से मिला प्यार मायने रखता है।
उमर ने रशीद को दी जीत की बधाई
उमर अब्दुल्ला ने हार स्वीकार कर करते हुए इंजीनियर रशीद को जीत की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर किए गए एक पोस्ट में लिखा, मुझे लगता है कि यह अपरिहार्य को स्वीकार करने का समय है। उत्तरी कश्मीर में जीत के लिए इंजीनियर रशीद को बधाई। मतदाताओं ने कर दिखाया है और लोकतंत्र में यही सब मायने रखता है।
उमर ने कहा, मुझे नहीं लगता कि उनकी जीत से उनकी जेल से रिहाई जल्दी होगी और न ही उत्तरी कश्मीर के लोगों को वह प्रतिनिधित्व मिलेगा जिसका उन्हें अधिकार है, लेकिन मतदाताओं ने अपनी बात रखी है और लोकतंत्र में यही सब मायने रखता है।
लोगों का फैसला स्वीकर है : इल्तिजा
एक्स पर एक वीडियो संदेश में महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने कहा, हम लोगों के फैसले को स्वीकार करते हैं। पीडीपी कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिए और उन लोगों के प्रति मेरी गहरी कृतज्ञता, जिन्होंने महबूबा जी को वोट दिया। पीडीपी के पुनर्निर्माण की हमारी यात्रा अभी शुरू हुई है और इंशाल्लाह हम मुफ्ती साहब के दृष्टिकोण को पूरा करेंगे।
कश्मीर में वंशवादी शासन का अंत : बुखारी
श्रीनगर से दूसरे स्थान पर रहे पीडीपी उम्मीदवार वहीद पर्रा ने कहा कि कश्मीर के लोगों ने वर्षों में पहली बार बात की है। अपनी पार्टी के संस्थापक अल्ताफ बुखारी ने कहा कि कश्मीर के नतीजों ने यहां वंशवादी शासन के अंत का संकेत दिया है। उन्होंने कहा, जम्मू और कश्मीर के लोगों ने कर दिखाया है, उनका फैसला स्पष्ट है। शालीनता और विनम्रता के साथ हम चुनाव के नतीजे को स्वीकार करते हैं।
वंशवादी राजनीति की अस्वीकृति और जम्मू-कश्मीर के पूर्व दो मुख्यमंत्रियों की हार एक शानदार संदेश है। हम बदलाव की इच्छा को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस अवसर का उपयोग आत्मनिरीक्षण करने, अपनी गलतियों से सीखने और मजबूत व लचीला बनकर उभरने के लिए करेगी। उन्होंने कहा, हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया और लोगों की इच्छा का सम्मान करते हैं और एक नई शुरुआत की आशा करते हैं। यह नया अध्याय जम्मू-कश्मीर में समृद्धि, शांति और प्रगति लाए।