{"_id":"642051e73089b8f1fc07c6d3","slug":"jammu-kashmir-kanthgali-malti-road-remained-closed-for-16-hours-after-landslide-in-udhampur-2023-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में भूस्खलन के बाद 16 घंटे बंद रहा कैंथगली-मालती मार्ग, लोगों को उठानी पड़ी परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: उधमपुर में भूस्खलन के बाद 16 घंटे बंद रहा कैंथगली-मालती मार्ग, लोगों को उठानी पड़ी परेशानी
Sun, 26 Mar 2023 07:39 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
Published by: विमल शर्मा
Updated Sun, 26 Mar 2023 07:39 PM IST
सार
मार्ग के बंद रहने पर स्थानीय निवासियों ने नाराजगी जताई। कहा कि जब भी ज्यादा बारिश होती है तो यह मार्ग अक्सर पस्सियां गिरने से बंद हो जाता है। इसके खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उधमपुर जिले की पंचैरी तहसील के कारचा में पस्सियां गिरने से बंद हुआ कैंथगली मालती मार्ग रविवार सुबह करीब 11 बजे 16 घंटे बाद खुला। जब तक मार्ग बंद रहा ग्रामीण परेशानियों का सामना करने को मजबूर रहे।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना था कि इसकेबारे में शनिवार को ही पीएमजीएसवाई विभाग को भी सूचित कर दिया गया था, लेकिन कोई भी मार्ग को खोलने के लिए नहीं पहुंचा। रविवार को मशीनरी ने मार्ग को खोलने का काम किया।
विज्ञापन
रवि कुमार, गोविंद कुमार, श्रंकार चंद व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार शाम को बारिश के दौरान अचानक ही कारचा में पस्सियां गिरी और मार्ग बंद हो गया। इसके बाद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई।
विज्ञापन
उन्होंने शाम को ही पीएमजीएसवाई के अधिकारी को इसकी सूचना पहुंचा दी, लेकिन मशीनरी को मौके पर नहीं भेजा गया। मार्ग के बंद होने के कारण रविवार को सुबह कोई वाहन नहीं निकल सका।
वहीं कुछ लोगों ने इसके बारे में डीडीसी जसवीर सिंह के साथ संपर्क किया और उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों के साथ संपर्क कर मशीनरी को मौके पर बुला कर मलबा हटा कर मार्ग को खुलवाया।
मार्ग के 16 घंटे बंद रहने पर स्थानीय निवासियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि जब भी ज्यादा बारिश होती है तो यह मार्ग अक्सर पस्सियां गिरने से बंद हो जाता है और फिर इसके खुलने का लंबा इंतजार करना पड़ता है।
मार्ग के बंद होने पर बच्चों का स्कूल पहुंचना और बीमार को अस्पताल तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। उनकी मांग है कि मार्ग के बंद होते ही इसको खुलवाने की व्यवस्था की जाए।