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जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकी घटनाओं की जांच एनआईए को सौंपी, पकड़े गए ओजीडब्ल्यू से पूछताछ जारी
Wed, 06 Nov 2019 12:14 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 06 Nov 2019 12:14 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने किश्तवाड़ में पिछले एक वर्ष में हुई आतंकी घटनाओं के मामलों की जांच एनआईए को सौंप दी है। अब जल्द ही एनआईए की टीम के किश्तवाड़ पहुंचने की संभावन है। वहीं सोमवार को पिस्टल व ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किए ओजीडब्ल्यू से पुलिस ने पूछताछ जारी रखी है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अभी भी किश्तवाड़ में दर्जनों ओजीडब्ल्यू सक्रिय हैं। सोमवार को ओजीडब्ल्यू के पकड़ जाने के बाद किश्तवाड़ में सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में किश्तवाड़ में कई आतंकी घटनाएं सामने आ चुकी है। एक नवंबर 2018 को भाजपा नेता अनिल परिहार व उनके भाई की हत्या आतंकियों ने कर दी थी। इसके बाद नौ अप्रैल 2019 को आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक राजेंद्र कुमार की आतंकियों ने हत्या कर दी थी।
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इसके अलावा आठ मार्च 2019 को डीसी के अंगरक्षक की राइफल छीनने का भी मामले सामने आया था। इसके साथ ही 13 सितंबर 2019 को पीडीपी नेता नासिर हुसैन शेेख के पीएसओ का भी हथियार लूट लिया था।
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सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अभी भी किश्तवाड़ में दर्जनों ओजीडब्ल्यू सक्रिय हैं। सोमवार को ओजीडब्ल्यू के पकड़ जाने के बाद किश्तवाड़ में सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं।
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गौरतलब है कि पिछले एक वर्ष में किश्तवाड़ में कई आतंकी घटनाएं सामने आ चुकी है। एक नवंबर 2018 को भाजपा नेता अनिल परिहार व उनके भाई की हत्या आतंकियों ने कर दी थी। इसके बाद नौ अप्रैल 2019 को आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रकांत शर्मा व उनके अंगरक्षक राजेंद्र कुमार की आतंकियों ने हत्या कर दी थी।
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इसके अलावा आठ मार्च 2019 को डीसी के अंगरक्षक की राइफल छीनने का भी मामले सामने आया था। इसके साथ ही 13 सितंबर 2019 को पीडीपी नेता नासिर हुसैन शेेख के पीएसओ का भी हथियार लूट लिया था।
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भाजपा नेता अनिल परिहार व उनके भाई की मौत की हत्या का मामला पहले ही एनआईए को सौंपा जा चुका है। इस मामले में एनआईए ने डेढ़ दर्जन लोगों को पकड़ा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार अब एनआईए की टीम जल्द ही किश्तवाड़ पहुंच कर सभी मामलों की जांच करेगी। पुलिस को अभी भी ढाई दशक से सक्रिय हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरुड़ी सहित रियास और मुद्दसिर की भी तलाश है। इन पर पुलिस ने तीस लाख रुपये का ईनाम भी घोषित किया है।