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हाईकोर्ट ने एजी से पूछा-कितने समय में हटेगा अतिक्रमण

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jammu kashmir highcourt
जम्मू। हाईकोर्ट ने पुंछ जिले में 2100 कनाल वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही रिपोर्ट मांगी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में डिप्टी एडवोकेट जनरल (एजी) से कहा कि वह वक्त तय करें कि कितने समय में अतिक्रमण हटाया जाएगा। रिपोर्ट में साफ करें कि ऐसा कब होगा।
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चीफ जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वन विभाग भी उन अफसरों का पता लगाएंगे, जो अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार हैं। कोर्ट ने कहा कि अतिक्रमण हटाने के लिए एक कमेटी भी गठित की गई थी, लेकिन अब तक कमेटी ने कुछ नहीं किया। कोर्ट ने महसूस किया कि यह आरोप है कि उक्त क्षेत्र में लगभग 2100 कनाल वन भूमि पर अतिक्रमण किया गया है।
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हत्या आरोपी की जमानज अर्जी खारिज
जम्मू। हाईकोर्ट ने हत्या के एक आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। जस्टिस पुनीत गुप्ता ने अमृत पाल सिंह की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी पर विभत्स हत्या का आरोप है और कोर्ट जमानत आवेदनों में साक्ष्य की सराहना नहीं कर सकता। आरोपी ने कोर्ट में यह कहकर जमानत मांगी कि उसके खिलाफ झूठा केस बनाया गया है। आरोपी के पक्ष को चुनौती देते हुए एडिशन एडवोकेट जनरल असीम साहनी ने कहा कि आरोपी एक विभत्स हत्या के आरोप में शामिल है और इसे जमानत नहीं दी जा सकती। आरोपियों की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर अंतिम रूप से विचार नहीं किया जा सकता। आरोपी जघन्य अपराध में शामिल है और जमानत के अधिकार के रूप में दावा नहीं कर सकता। आवेदन को इस स्तर पर एकमुश्त बर्खास्तगी की आवश्यकता है। यह मामला जानीपुर पुलिस स्टेशन का है।
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पुलिस पर कार्रवाई की अर्जी को खारिज किया
जम्मू। रियासी के सीजेएम अमरजीत सिंह ने एक अपराधी की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें उसने पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर लगाने की मांग की थी। आरोपी इस समय अंडर ट्रायल है। जिसने डीएसपी, एसएचओ और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जज ने कहा कि यह ट्रेंड देखा जा रहा है कि आरोपी जांच करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं, जोकि अविश्वसनीय ही नहीं बल्कि अस्विकार्य भी है। मौजूदा अर्जी में आरोपी सिर्फ कार्रवाई की मांग कर रहा है, लेकिन कोई आधार सामने नहीं आ रहा कि किस आधार पर कार्रवाई करने की बात की जा रही है।
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