फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir High Court asked Chief Secretary Who will put the government side of Ladakh in court

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने चीफ सेक्रेटरी और सलाहकार से पूछा-कोर्ट में लद्दाख का सरकारी पक्ष कौन रखेगा

Wed, 20 Nov 2019 07:51 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Wed, 20 Nov 2019 07:51 PM IST
विज्ञापन
Jammu Kashmir High Court asked Chief Secretary Who will put the government side of Ladakh in court
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट - फोटो : फाइल
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में लेह और लद्दाख खित्ते से संबंधित मामलों पर सरकार का पक्ष रखने वाला कोई सरकारी वकील नहीं है। इसकी वजह से कोर्ट में मामलों की जांच भी प्रभावित हो रही है। ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं। इसी तरह के एक मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। 
विज्ञापन


जिस पर कोर्ट ने लद्दाख यूनियन टेरेटरी के मुख्य सचिव और सलाहकार को आदेश जारी कर पूछा है कि कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने के लिए किसे नियुक्त किया है या क्या व्यवस्था है पर स्थिति स्पष्ट करेंगे। 
विज्ञापन


जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने मंगलवार को हसीना बानो और अन्य की दायर याचिका पर यह आदेश दिया। जज ने महसूस किया कि जब अपीलकर्ता ने रिट याचिका दायर की। तब प्रतिवादी पक्ष का प्रशासनिक नियंत्रण तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव के अधीन था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अपीलकर्ता का राहत क्लेम लद्दाख आटोनॉमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल और लेह लद्दाख पालीटेकिभनक कालेज के खिलाफ है। मंगलवार को जब यह मामला सुनवाई के लिए आया तो सरकारी वकील रैस उद दिन गेनेई ने कोर्ट में कहा कि उन्हें मालूम हो कि लद्दाख खित्ते से संबंधित मामलों का सरकारी पक्ष रखने के लिए किसे नियुक्त किया गया है। 

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन एक्ट में लद्दाख के सभी मामले लेफ्टिनेंट गवर्नर के अधीन हैं। जज ने कहा कि कोर्ट ऐसे बहुत से मामलों में दिक्कत महसूस कर रहा है। 

...लेकिन लद्दाख यूटी में न चीफ सेक्रेटरी, न सलाहकार
हाईकोर्ट ने लद्दाख यूटी के चीफ सेक्रेटरी और सलाहकार को आदेश दिया है कि वह बताएं कि सरकारी पक्ष रखने वाले अधिवक्ता की नियुक्ति को क्या कदम उठाया। लेकिन अभी तक लद्दाख यूटी में न तो चीफ सेक्रेटरी हैं और न ही सलाहकार। लेफ्टिनेंट गवर्नर ही सब काम देख रहे हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed