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Exclusive Interview: जम्मू-कश्मीर की जनता का दिल जीतने आया हूं: राज्यपाल सत्यपाल मलिक

Thu, 06 Sep 2018 08:17 AM IST
दयाशंकर शुक्ल सागर/बृजेश कुमार सिंह, श्रीनगर
दयाशंकर शुक्ल सागर/बृजेश कुमार सिंह, श्रीनगर Updated Thu, 06 Sep 2018 08:17 AM IST
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jammu kashmir governor in an interview to amar ujala said i have came here to win heart of people
अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में बोले जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रियासत की बागडोर संभाल ली है। उनका साफ कहना है कि वह यहां कश्मीर समस्या का हल करने नहीं आए हैं और ना ही अलगाववादियों से बातचीत करने आए हैं। उनका सिर्फ एक एजेंडा है कश्मीरियत, जम्हूरियत और इंसानियत। मलिक कहते हैं कि उन्हें यहां जम्मू-कश्मीर की जनता का दिल जीतने के लिए भेजा गया है। वे यहां लोगों से मिलेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और उन समस्याओं का समाधान करेंगे। मलिक कहते हैं कि कश्मीर के कुछ युवा भटक गए हैं। 
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उनकी रहनुमाई गलत लोगों के हाथों में है। यह सरकार कश्मीरी युवाओं को रोजगार देगी, खेलों के लिए युवाओं को तमाम तरह की सुविधाएं देगी ताकि उनकी ऊर्जा सही दिशा में आगे बढ़े। राज्यपाल ने कहा कि यहां नौकरशाही में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली हैं। इसकी जांच होगी और आय से अधिक संपत्ति जब्त होगी। सरकारी नौकरियों में सिफारिशें खत्म होंगी। बहुत ही कम समय में जम्मू-कश्मीर की जनता एक नया बदलाव महसूस करेगी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक से अमर उजाला ने तमाम मुद्दों पर लंबी बातचीत की। 
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक से सवाल-जवाब...

jammu kashmir governor in an interview to amar ujala said i have came here to win heart of people
सत्यपाल मलिक
प्रश्न: फिलहाल आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती जम्मू-कश्मीर में निकाय व पंचायत चुनाव है?
मलिक: निकाय व पंचायत चुनाव आम लोगों के लिए है। इससे दिल्ली का कोई लेना-देना नहीं है अैर न ही इससे केंद्र को कोई लाभ मिलने वाला है। यह आम कश्मीरियों तथा रियासतवासियों के हित के लिए है।

प्रश्न: लेकिन अलगाववादियों ने चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है?
मलिक: बहिष्कार का नारा बेमानी है। इस चुनाव से ना राजनीतिक परिवर्तन होगा और न ही कश्मीर समस्या का हल। चुनाव में सभी राजनीतिक पार्टियां शामिल होंगी। लेकिन आम लोगों की भागीदारी जरूरी है।

प्रश्न: लेकिन चिंता का मूल विषय आतंकवादियों की चेतावनी है?
मलिक: चुनाव में खड़े होने वाले सभी प्रत्याशियों तथा मतदाताओं को हर हाल में सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। चुनाव से पहले भी और चुनाव के बाद भी। हमारे पास फोर्स की कोई कमी नहीं है। हम चाहते हैं कि विकास के लिए निर्णय का अधिकार अधिकारियों के हाथ से पंचायत के हाथ में आए। 

प्रश्न: क्या अलगाववादियों से बातचीत आपके एजेंडे में नहीं है?
मलिक: फिलहाल नहीं।  रियासतवासियों का विश्वास जीतना ही सबसे बड़ा काम है। वह चाहे श्रीनगर हो या फिर जम्मू। मुझे यहां अलगाववादियों से बातचीत के लिए नहीं भेजा गया। इसके लिए केंद्रीय वार्ताकार हैं। मूल बात यह है कि लोगों में दोबारा विश्वास बहाली करना।

प्रश्न: अनुच्छेद  35-ए को लेकर आप क्या सोचते हैं?
मलिक: अनुच्छेद 35-ए का मामला न्यायालय में है। लोगों को न्यायालय पर विश्वास करना चाहिए। संविधान के तहत ही कोई फैसला आएगा। ऐसा नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट कश्मीरियों की भावना के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रस्त है। यह विलय के वक्त का अनुच्छेद है। 35-ए के बहाने कुछ लोगों को बेवजह माहौल खराब करने का मौका मिल गया।

प्रश्न: हाल के वर्षो में कश्मीरी युवक आतंक की ओर बढ़े हैं। इसे कैसे रोकेंगे?
मलिक: आतंकवाद बंदूक में नहीं बल्कि लोगों के दिमाग में है। इसे किसी भी कीमत पर बदलना होगा। युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना होगा।

प्रश्न: इसके लिए क्या कार्ययोजना है?
मलिक: युवाओं को खेल का बेहतर  माहौल देंगे। रोजगार के साधन विकसित करेंगे। उन्हें लगना चाहिए कि कश्मीर को उनकी जरूरत है। मैं नहीं कहता कि वे आजादी की बात करना बंद कर दें, लेकिन उन्हें पलटकर देखना और सोचना चाहिए। असली आजादी किसे कहते हैं। यहां की व्यवस्थाओं में रहकर भी आजादी मिल सकती है। ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की जाएगी कि युवा बंदूक उठाने की बजाय खेल तथा अन्य दिशाओं में अपने को केंद्रित कर सके। आतंकियों का जनाजा निकलता है तो उसमें शामिल होने वाले युवा भावनात्मक रूप से जुड़कर आतंक का दामन थाम लेते हैं। इन सारी स्थितियों में बदलाव लाना होगा।

प्रश्न: स्थितियां कैसे बदलेंगी?
मलिक: राज्यपाल प्रशासन का पूरा फोकस युवाओं पर होगा। क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए आईपीएल की टीम बनाई जाएगी। सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग का प्रबंध किया जाएगा। अगले छह महीने में फुटबाल, क्रिकेट व हाकी के लिए बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

प्रश्न: राज्य सरकार में विभिन्न पदों पर भर्तियों में भाई भतीजावाद का आरोप लगता रहा है। सरकारी भर्तियां सवालों के घेरे में है?
मलिक: सभी भर्तियां बिल्कुल पारदर्शी तरीके से होंगी। न तो भाई भतीजावाद चलेगा और न ही किसी प्रकार की पैरवी। वेटनरी डाक्टरों के 1200 पद लंबे समय से खाली पड़े हुए थे। इनमें से 800 पदों पर भर्तियों का आदेश दे दिया गया

प्रश्न: रियासत में एक बड़ी समस्या नौकरशाही में भ्रष्टाचार भी है?
मलिक: हां, मुझे भी यही रिपोर्ट मिली है। इसे जड़ से उखाड़ फेेंकने के लिए कार्ययोजना तैयार है। भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसी जाएगी। उनकी संपत्तियों की जांच कराई जाएगी।  आय से अधिक जितनी भी संपत्ति होगी उसे जब्त किया जाएगा। ऐसे लोगों की सूची बनाने को कह दिया गया है। भ्रष्टाचारियों की संपत्ति हर हाल में जब्त होगी।

मैं सबका बंदा हूं

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि वे किसी के बंदे नहीं हैं। वह सबके हैं। केंद्र से प्राप्त मैनडेट के अनुसार अपने कार्यों को निस्तारित करेंगे। वे किसी के दबाव में नहीं हैं। दरअसल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना का एक वीडियो पिछले दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने राज्यपाल को अपना बंदा बताया था। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रैना को फटकार लगाई थी।
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किसी पार्टी को तोड़कर नहीं बनेगी सरकार

राज्यपाल ने कहा है कि वे रियासत में अंडरहैंड सरकार बनाने के पक्ष में नहीं हैं। ना ही किसी भी पार्टी को तोड़कर सरकार बनाने का प्रयास करेंगे और ना ही इसे बढ़ावा देंगे। इसलिए इस प्रकार की अफवाहों पर जनता को ध्यान देने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि रियासत में कभी पीडीपी के विधायकों को तोड़कर तो कभीे नेशनल कांफ्रेंस के विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने की चर्चा चलती रही है।

जम्मू से नहीं होगा भेदभाव

राज्यपाल ने कहा कि जम्मू से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा। जम्मू ही क्यों, श्रीनगर या लद्दाख या रियासत के किसी भी क्षेत्र से किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा। सभी क्षेत्रों का समान रूप से विकास होगा। सभी क्षेत्र की समस्याएं सुनी जाएंगी। सभी क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को अंजाम दिया जाएगा।

सबके साथ मिलकर रियासत का होगा विकास
राज्यपाल ने कहा है कि सबके साथ मिलकर रियासत का विकास किया जाएगा। इसके लिए सभी राजनीतिक दल, सिविल सोसाइटी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी राय ली जाएगी। किसी भी पर्व त्योहार भी समुदाय विशेष के लोगों से मिलकर समस्याओं का निस्तारण होगा। यह कोशिश की जाएगी कि हर किसी को लगे कि रियासत में उनकी ही सरकार चल रही है। यह कोशिश होगी कि राज्यपाल के किसी भी कार्रवाई से किसी की भावना को ठेस न पहुंचे।

आंगनबाड़ी वर्कर्स की हर समस्या का समाधान होगा

राज्यपाल सत्यपाल मलिक मानते हैं कि आंगनबाड़ी वर्कर्स अपना काम बड़ी ही ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करती हैं। वह इन्हें अपने परिवार के सदस्य के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा कि वे इनकी समस्याओं से बखूबी वाकिफ हैं। उनकी हर समस्या को अपना मानते हैं। जल्द ही उनकी हर समस्याओं का समाधान होगा।  उम्मीद है कि बहुत जल्द उन्हें बेहतरी देखने को मिलेगी। कर्मचारी वर्ग की सभी दिक्कतों का समाधान करने की कोशिश होगी।

जम्मू और श्रीनगर को मिलेगी 24 घंटे बिजली
राज्यपाल ने कहा कि जम्मू और श्रीनगर दोनों को अब 24 घंटे बिजली मिलेगी। सर्दियों के समय में ठंडे इलाके तथा गर्मियों में मैदानी इलाकों में 24 घंटे बिजली का प्रबंध होगा। चाहे इसके लिए दुनिया के किसी भी कोने से बिजली खरीदनी पड़े, खरीदी जाएगी। बिजली को लेकर किसी भी प्रकार की समस्या नहीं उत्पन्न होने दी जाएगी।

लगेगा कि सरकार जनता के दुख दर्द में साथ खड़ी है
राज्यपाल ने कहा कि अब लोगों को लगेगा कि सरकार जनता के दुख दर्द में उसके साथ खड़ी है। इस प्रकार के प्रबंध किए गए हैं। सभी डीसी को सप्ताह में एक दिन जनता की समस्याएं सुनने को कहा गया है। इसी प्रकार सभी सलाहकारों को भी यही हिदायत है। जनता से प्राप्त समस्याओं का फौरी निस्तारण होगा। इन सबके बावजूद राजभवन का द्वार उनके लिए हमेशा खुला रहेगा। कोई भी फरियाद लेकर आ सकता है। ग्रीवांस सेल को भी मजबूत किया जा रहा है। जल्द हो दो टोल फ्री नंबर मुहैया कराए जाएंगे। इस पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित निस्तारण होगा। साथ ही उसकी लगातार मानीटरिंग भी होगी।

डल झील का पुराना स्वरूप लौटेगा

राज्यपाल ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध डल झील को उसके पुराने स्वरूप में लौटाया जाएगा। इसकी साफ सफाई के लिए सभी प्रकार के बंदोबस्त करने की हिदायत दे दी गई है। साथ ही श्रीनगर में दोबारा बाढ़ की स्थिति न आए इसके लिए झेलम की युद्धस्तर पर ड्रेजिंग को भी कहा गया है। उम्मीद है कि यह सब काम अपने तय समय पर मुकम्मल होंगे।
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