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Jammu Kashmir: प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, कृषि सुधार अधिनियम की में संशोधन, इन्हें मिलेगी राहत
Mon, 23 Jan 2023 12:53 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 23 Jan 2023 12:53 AM IST
सार
कृषि सुधार अधिनियम 1976 की धारा छह, सात और 12 में संशोधन को अनुमति दे दी गई है। इस अनुमति प्रस्ताव बिल को केंद्रीय गृह मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा, ताकि संसद के माध्यम से इसे मंजूरी मिल सके।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : संवाद
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विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में भूमि हीन और गरीब वर्ग के लोगों को बड़ी राहत दी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद की बैठक हुई है। इसमें कृषि सुधार अधिनियम 1976 की धारा छह, सात और 12 में संशोधन को अनुमति दे दी गई है। इस अनुमति प्रस्ताव बिल को केंद्रीय गृह मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा, ताकि संसद के माध्यम से इसे मंजूरी मिल सके। संसद से बिल को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश में हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
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कृषि सुधार अधिनियम की धारा छह, सात और 12 के तहत भूमि पर आवासीय मकान या खेती होने पर इस भूमि के राजस्व विभाग फर्द नहीं काटता था। ऐसे में इस भूमि का उपयोग करने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर या संतान की शादी या बिमारी की अवस्था में न तो बैंक से लोन मिल पाता था और न ही वह भूमि को बेच पाते थे।
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प्रशासनिक परिषद की तरफ से कृषि सुधार अधिनियम की धारा छह, सात और 12 में संशोधन को अनुमति देने के बाद संसद की तरफ से बिल को पारित करने के बाद छह, सात और 12 के तहत भूमि के फर्द काटने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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लोग जरूरत के हिसाब से जमीन बेच सकेंगे
बिल को मंजूरी के बाद लोग जरूरत के समय भूमि को बेच भी पाएंगे और बैंक से लोन आदि भी उन्हें मिल पाएगा। प्रशासनिक परिषद की बैठक में सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता भी मौजूद रहे।