राज्यपाल से मिलने के बाद उमर अब्दुल्ला बोले, जम्मू-कश्मीर में क्या हो रहा है किसी को नहीं पता
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घाटी में जारी की गई एडवाइजरी के बाद से सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मुख्यधारा के सभी राजनीतिक दलों में उठापटक का दौर जारी है। एक ओर शुक्रवार को पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। तो वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कश्मीर नीति पर काम करने की नसीहत दी थी।
वहीं शनिवार को जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर में राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोगों से हम बस इतना कहेंगे कि सब्र से काम लें, हम 35 ए को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
Jammu & Kashmir: Former J&K Chief Minister and National Conference leader Omar Abdullah arrives at Raj Bhawan in Srinagar to meet Governor Satya Pal Malik. pic.twitter.com/OGNZejWhX7
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 3, 2019
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर में मौजूदा स्थिति के बारे में जानना चाहते हैं। जब हम अधिकारियों से पूछते हैं, तो वह कहते हैं कि कुछ हो रहा है, लेकिन क्या हो रहा है इस बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।
सोमवार को जब संसद की कार्यवाही शुरू हो तो केंद्र को सदन में इस बात का जवाब देना होगा कि ऐसा क्या हो गया कि अमरनाथ समेत अन्य धार्मिक यात्राएं रोकी जा रही हैं। साथ ही पर्यटकों को वापस भेजा जा रहा है। हमें संसद में इस बात की जानकारी सरकार में बैठे जिम्मेदारों से चाहिए। साथ ही सरकार लोगों को बताए कि डरने की जरूरत नहीं है।
Omar Abdullah, National Conference: On Monday, when Parliament starts functioning, Centre should give a statement on what was the need for the order to end yatra & evacuate tourists. We want to hear it from the Parliament that there is no need for people to be afraid. https://t.co/nTr9pjmXY1
— ANI (@ANI) August 3, 2019
महबूबा देर शाम निकलीं नेताओं से मिलने
महबूबा ने बताया कि फारूक की तबीयत खराब होने की वजह से वे सर्वदलीय बैठक नहीं बुला सके, लेकिन उन्होंने आश्वस्त किया है कि शनिवार को उमर अब्दुल्ला के लौटते ही सभी दलों की बैठक बुलाई जाएगी ताकि वर्तमान स्थिति पर चर्चा की जा सके। इसके बाद वे सज्जाद गनी लोन के घर गईं।