Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात साल बाद पहला बजट सत्र, उपराज्यपाल ने पेश किया विकास रोडमैप
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Mon, 03 Mar 2025 11:43 AM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Mon, 03 Mar 2025 11:43 AM IST
खास बातें
जम्मू कश्मीर विधानसभा का सत्र सात साल बाद शुरू हुआ, जिसमें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राज्य के विकास के लिए योजनाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रीन ट्रांसपोर्ट की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया।
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जम्मू कश्मीर विधानसभा का सत्र
- फोटो : अमर उजाला
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11:34 AM, 03-Mar-2025
Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सात साल बाद पहला बजट सत्र, उपराज्यपाल ने पेश किया विकास रोडमैप
जम्मू कश्मीर विधानसभा का सत्र आज शुरू हुआ, जो सात साल बाद आयोजित हो रहा है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने अभिभाषण में जम्मू कश्मीर के विकास के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। उन्होंने राज्य के समग्र विकास के लिए सरकार की योजनाओं और प्रयासों को विस्तार से बताया।
अमरनाथ यात्रा से लेकर कृषि और हस्तशिल्प के विकास तक
उपराज्यपाल ने अमरनाथ यात्रा को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए, कृषि और केंद्र शासित प्रदेश के हस्तशिल्प के विकास को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं, और इमरजेंसी केयर सर्विसेज का उल्लेख किया।
टीबी मुक्त जिले और बुनियादी सुविधाओं का विकास
मनोज सिन्हा ने तीन जिलों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने की घोषणा की और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में सीटों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों का जिक्र किया।
स्वस्थ जम्मू कश्मीर की दिशा में कदम
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए अटल टिकटिंग लैब, स्किल डेवलपमेंट, और शिक्षक अटेंडेंस ट्रैकिंग जैसी योजनाओं पर काम किया जा रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
उद्यमिता संस्कृति और ग्रीन ट्रांसपोर्ट इनिशिएटिव
उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही और ग्रीन ट्रांसपोर्ट इनिशिएटिव का जिक्र करते हुए इको-फ्रेंडली मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है।
महिला सशक्तिकरण और जेंडर समानता
राज्य में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें 90,000 से अधिक सेल्फ हेल्प ग्रुप्स सक्रिय हैं। उन्होंने जेंडर समानता और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कश्मीरी प्रवासियों के लिए विशेष योजनाएं
कश्मीरी प्रवासियों के लिए की जा रही योजनाओं, खासकर प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में भी उपराज्यपाल ने विस्तार से बताया।
अभिभाषण का अंतिम भाग
42 मिनट के इस अभिभाषण में उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर को एक नई दिशा में ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। इस दौरान सज्जाद लोन, तारिक हमीद कर्रा, तारिगामी, और जी ए मीर ने खामोशी बनाए रखी और कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
अमरनाथ यात्रा से लेकर कृषि और हस्तशिल्प के विकास तक
उपराज्यपाल ने अमरनाथ यात्रा को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए, कृषि और केंद्र शासित प्रदेश के हस्तशिल्प के विकास को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने आयुष्मान योजना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं, और इमरजेंसी केयर सर्विसेज का उल्लेख किया।
टीबी मुक्त जिले और बुनियादी सुविधाओं का विकास
मनोज सिन्हा ने तीन जिलों को टीबी मुक्त घोषित किए जाने की घोषणा की और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में सीटों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों का जिक्र किया।
स्वस्थ जम्मू कश्मीर की दिशा में कदम
स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए अटल टिकटिंग लैब, स्किल डेवलपमेंट, और शिक्षक अटेंडेंस ट्रैकिंग जैसी योजनाओं पर काम किया जा रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं।
उद्यमिता संस्कृति और ग्रीन ट्रांसपोर्ट इनिशिएटिव
उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में उद्यमिता संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही और ग्रीन ट्रांसपोर्ट इनिशिएटिव का जिक्र करते हुए इको-फ्रेंडली मोबिलिटी को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है।
महिला सशक्तिकरण और जेंडर समानता
राज्य में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें 90,000 से अधिक सेल्फ हेल्प ग्रुप्स सक्रिय हैं। उन्होंने जेंडर समानता और लखपति दीदी जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
कश्मीरी प्रवासियों के लिए विशेष योजनाएं
कश्मीरी प्रवासियों के लिए की जा रही योजनाओं, खासकर प्रेस की स्वतंत्रता के बारे में भी उपराज्यपाल ने विस्तार से बताया।
अभिभाषण का अंतिम भाग
42 मिनट के इस अभिभाषण में उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर को एक नई दिशा में ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। इस दौरान सज्जाद लोन, तारिक हमीद कर्रा, तारिगामी, और जी ए मीर ने खामोशी बनाए रखी और कुछ भी बोलने से मना कर दिया।