स्वास्थ्य समस्याएं: फैटी लीवर की समस्या का पता नहीं चल रहा मरीजों को, अस्पताल पहुंचकर मिल रही जानकारी
गांधीनगर अस्पताल के अधीक्षक डा. प्रवीण योगराज के मुताबिक नशे के प्रभाव के कारण लीवर खराब होता है। इसके अलावा गलत जीवनशैली के कारण लोग फैटी लीवर जैसी बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं।
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विस्तार
गैर संचारी रोगों में लोगों में फैटी लीवर की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या मोटापा, डायबिटीज, लंबे समय तक असंतुलित भोजन करने, अधिक तेलयुक्त पदार्थों का सेवन, जंक फूड, शराब का अधिक सेवन करने आदि से होती है।
किसी सामान्य व्यक्ति के लीवर में फैट की मात्रा सामान्य या फिर न के बराबर होती है, लेकिन जब लीवर की कोशिकाओं में फैट जमने लगता है तो धीरे धीरे लीवर में सूजन आ जाती है। इससे फैटी लीवर की समस्या होती है।
प्रदेश के अस्पतालों में पहुंच रहे लोगों में बड़ी संख्या में फैटी लीवर की समस्या मिल रही है। फैटी लीवर में कैलोरी की मात्रा फैट में तब्दील हो जाती है, जो लीवर की कोशिकाओं में जमने लगती है। फैटी लीवर की समस्या अधिक गंभीर होने पर लीवर के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।
जब शरीर में वसा की मात्रा लीवर के वजन से 10 प्रतिशत तक बढ़ जाती है तो ऐसी परिस्थिति में लीवर फैटी लीवर में बदल जाता है। इसका पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। इनमें अधिकांश मामलों में फैटी लीवर से पीड़ित लोगों को पता ही नहीं होता है कि वे इस समस्या से ग्रस्त हो चुके हैं।
गांधीनगर अस्पताल के अधीक्षक डा. प्रवीण योगराज का कहना है कि अधिकतर देखा गया है कि अधिक शराब का सेवन करने से लीवर खराब होता है, लेकिन गलत जीवनशैली के कारण लोग बिना शराब का सेवन किए ही फैटी लीवर जैसी बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। यह बच्चों से लेकर हर आयु वर्ग के लोगों में हो रही है। इसके लिए स्वस्थ जीवनशैली और आहार को अपनाना जरूरी है।
कारण
1. अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थ, तली भुनी चीजें, जंक फूड आदि के सेवन से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ती है जो फैटी लीवर का कारण बनती है।
2. हाई ट्राईग्लिसराइड, अधिक वजन या डायबिटीज की समस्या होने पर फैटी लीवर की आशंका रहती है। हाई ट्राईग्लिसराइड एक बीमारी है जिसमें रक्त में पाई जाने वाली वसा काफी बढ़ जाती है।
3. वजन को घटाने के लिए कई बार सप्लीमेंट खाना लीवर को खराब करने का काम करता है
लक्षण--
1. फैटी लीवर होने पर लीवर के हिस्से में सूजन आ जाती है
2. फैटी लीवर होने पर शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे व्यक्ति थका महसूस करता है
3. ध्यान केंद्रित करने में समस्या होती है और व्यक्ति को काफी कमजोरी का अहसास होता है
4. वजन का घटना या बढ़ना भी फैटी लीवर सिंड्रोम का एक लक्षण हो सकता है
5. लंबे समय तक दवाइयों का सेवन करना, वायरल हेपेटाइटिस
6. वसा से भरपूर खानपान और मसालेदार भोजन का सेवन
7. पारिवारिक इतिहास में भी किसी सदस्य को फैटी लीवर की समस्या हो सकती है
फैटी लीवर के घरेलू उपाय
1. हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी के अलावा एंटी आक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं जो लीवर सेल्स को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैं.
2. ग्रीन टी- लीवर खराब होने पर पीड़ित को घबराहट महसूस होती है ऐसे में ग्रीन टी पीना फायदेमंद साबित हो सकता है।
3. करेला-करेले का कड़वा स्वाद लीवर पर सकारात्मक असर डालता है। फैटी लीवर के लिए आप रोजाना एक या आधा कप करेले की सब्जी खाएं या जूस पिएं।
4. साबूत अनाज- साबूत अनाज फाइबर और दूसेर न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। यह आसानी से पच जाते हैं। यह फैटी लीवर के नुकसान को रोकता है।
5. आंवला- इसमें भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट और विटामिन सी मौजूद है जो लीवर संचालन को दुरुस्त रखने का काम करता है।
6. नारियल पानी-इसमें एंटीआक्सीडेंट और हेरेटो प्रोटेक्टिव का गुण होता है जो फैटी लीवर की समस्या को दूर करने में प्रभावी है।