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जम्मू-कश्मीर: चेहरा पहचानने वाली प्रणाली से रहेगी संदिग्धों पर नजर, 200 कैमरों के साथ पुलिस 10 हजार लोगों का डाटाबेस करेगी तैयार
Thu, 23 Dec 2021 01:11 PM IST
करिश्मा चिब
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 23 Dec 2021 01:11 PM IST
सार
भीड़ में अचानक आने वाले शख्स की पहचान, यहां तक कि भीड़ से पथराव करने वालों की पहचान भी हो सकती है। इसको लेकर एक टेंडर भी जारी किया गया है।
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सीसीटीवी
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक (फेशियल रिकोग्नीशन टेक्नोलॉजीएफआरटी) लाने की तैयारी में है। इससे 10 हजार लोगों की जानकारियों से जुड़ा डेटाबेस तैयार होगा। 200 सीसीटीवी के साथ उक्त प्रणाली को शुुरू किया जाएगा। इसके माध्यम से पुलिस को संदिग्ध लोगों को काली सूची में डालने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर इनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
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जानकारी के अनुसार पुलिस अपने मौजूदा निगरानी ढांचे, भौगोलिक सूचना प्रणाली और अन्य के साथ इस सिस्टम को जोड़ेगी। इस सिस्टम के तहत पुलिस भीड़ पर नजर रख सकती है। यहां तक कि भीड़ में मौजूद लोगों की संख्या और उनके जेंडर का पता लगाया जा सकेेगा। इससे भीड़ की संख्या का अनुमान लगाया जा सकेगा। भीड़ में अचानक आने वाले शख्स की पहचान, यहां तक कि भीड़ से पथराव करने वालों की पहचान भी हो सकती है।
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पुलिस मुख्यालय की ओर से इसे लेकर कैमरे लगाने की तैयारी है। इसको लेकर एक टेंडर भी जारी किया गया है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इसके ऊपर काम हो सकता है। बता दें कि कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर नजर रखने में इससे मदद मिलेगी। खासकर संदिग्ध लोगों पर पुलिस कार्रवाई कर सकेगी।