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जम्मू-कश्मीर: आज रात 12 बजे से बिजली विभाग के कर्मी हड़ताल पर, निजीकरण का कर रहे विरोध
Fri, 17 Dec 2021 11:38 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 17 Dec 2021 11:38 AM IST
सार
कहीं पर भी बिजली खराब हुई, तो ठीक नहीं करेंगे कर्मी। कर्मचारी विभाग के निजीकरण होने को लेकर विरोध कर रहे हैं। अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने और वेतन विसंगितयों को लेकर विरोध जता रहे हैं।
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बिजली विभाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संभाग के बिजली विभाग के कर्मचारी मांगों को लेकर लामबंद हो गए हैं। अस्थायी से लेकर स्थायी कर्मियों ने शुक्रवार रात से हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। कर्मचारी विभाग के निजीकरण होने को लेकर विरोध कर रहे हैं। अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने और वेतन विसंगितयों को लेकर विरोध जता रहे हैं। इससे पहले उपराज्यपाल से ऑल इंडिया पावर इंजीनियर फेडरेशन का दल भी मिला था, लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।
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कर्मियों ने चेतावनी दी कि 17 दिसंबर रात 12 बजे के बाद से वे खराब बिजली ढांचे की मरम्मत नहीं करेंगे। कर्मियों की अन्य मांगों में जम्मू-कश्मीर ग्रिड कंपनी बनाना भी है। साथ ही जेकेटीसीए और पीजीसीआईएल के साथ एक संयुक्त कंपनी बनाने के लिए आल जेएंडके पावर इंप्लाइज और इंजीनियर को-ऑर्डिनेशन कमेटी के साथ बात हो।
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फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने एलजी को पत्र लिखकर जेवीसी के विभिन्न पहलुओं और इसके निहितार्थों पर अपना विस्तृत दृष्टिकोण दिया। सभी जम्मू-कश्मीर बिजली कर्मचारी और इंजीनियर समन्वय समिति इस कदम का कड़ा विरोध कर रहे हैं और सरकार से मसौदे को रोकने और बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया है। कर्मियों का कहना है कि सरकार निजीकरण को बंद करे। 20 साल से कर्मी विभाग में काम कर रहे हैं, लेकिन उनको स्थायी नहीं किया जा रहा।