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Jammu Kashmir Elections 2024 : दांव पर तीन दिग्गजों की साख, उमर अब्दुल्ला को अपने ही गढ़ में मिल रही है चुनौती
Wed, 25 Sep 2024 05:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
राहुल दुबे, जम्मू
राहुल दुबे, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 25 Sep 2024 05:47 AM IST
सार
बुधवार को छह जिलों की 26 विधानसभा सीटों पर 239 उम्मीदवारों का इम्तिहान है। इस चुनावी पिच पर तीन प्रमुख दलों के तीन बड़े चेहरों की साख दांव पर होगी।
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उमर अब्दुल्ला, रवींद्र रैना और तारिक हमीद कर्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वादे, चुनावी भाषण, आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी यात्रा अब दूसरे पड़ाव पर पहुंच गई है। बुधवार को छह जिलों की 26 विधानसभा सीटों पर 239 उम्मीदवारों का इम्तिहान है। इस चुनावी पिच पर तीन प्रमुख दलों के तीन बड़े चेहरों की साख दांव पर होगी। इनमें दो सीटों बडगाम और गांदरबल में पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नौशेरा में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और शाल्टेंग में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पूर्व सांसद तारिक हमीद कर्रा मतदाताओं की गुगली का सामना करेंगे।
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दूसरे चरण के चुनाव में बुधवार को जिन सीटों पर मतदान होगा वे जम्मू क्षेत्र के रियासी, राजोरी और पुंछ जिले के साथ-साथ कश्मीर घाटी के श्रीनगर, बडगाम और गांदरबल जिले तक फैली हैं। पहले चरण में हुए मतदान का असर दूसरे चरण में भी दिखाई देगा। सियासी पंडितों का मानना है कि अधिकतर सीटों पर मुकाबला कड़ा होगा। यही कारण है कि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके खिलाफ बडगाम में शिया धर्म गुरु आगा सैयद हसन मोसावी के बेटे आगा सैयद मुंतजिर और गांदरबल में पीडीपी के बशीर मीर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में उमर के रणकौशल की भी यह परीक्षा होगी।
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वहीं, नौशेरा में भाजपा उम्मीदवार रवींद्र रैना 2014 की जीत दोहराना चाहेंगे। कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व सांसद कर्रा का श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र रहा है। अब वह िजले की सीट से विधानसभा पहुंचने की पुरजोर कोशिश करेंगे। इसी दूसरे दौर में अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी भी मैदान में हैं। बुखारी के सामने नेकां के मुश्ताक गुरू, पीडीपी के मोहम्मद इकबाल ट्रंबू और भाजपा के हिलाल अहमद वानी हैं।
उमर को गढ़ में मिल रही चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उम्मीदवारी से बडगाम और गांदरबल दोनों सीटें खास हो गई हैं। दोनों ही सीटें नेशनल कॉन्फ्रेंस का गढ़ मानी जाती हैं। लोकसभा चुनाव में बारामुला सीट से उमर मैदान में थे तो उन्हें आतंकी फंडिंग के आरोप में जेल में बंद रहते हुए इंजीनियर रशीद ने हरा दिया था और इस चुनाव में भी इंजीनियर रशीद चुनाव प्रचार में जुटे हैं। बडगाम में पूर्व मुख्यमंत्री का सामना पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के आगा सैयद मुंतजिर मेहदी से है, जो उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। मेहदी शिया धर्मगुरु और हुर्रियत नेता आगा सैयद हसन मोसावी के बेटे हैं और नेकां के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी के चचेरे भाई हैं। यहां मतदाताओं में 40 फीसदी हिस्सा शिया मुसलमानों का है और आगा परिवार का इन पर असर माना जाता है। 2014 के चुनाव में बडगाम सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस के आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी जीते थे। गांदरबल सीट से उन्हें पीडीपी के बशीर अहमद मीर से टक्कर मिलेगी।
दूसरे दौर के प्रचार में पाकिस्तान की एंट्री
दूसरे चरण के प्रचार अभियान में पाकिस्तान की भी एंट्री तब हो गई जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अनुच्छेद 370 की बहाली के समर्थन में अपने विचारों को कांग्रेस-नेकां के गठबंधन से मेल खाता बताया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा तो गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसे चुनावी मुद्दा बनाया। इसके बाद कांग्रेस व नेकां के नेता इस पर सफाई देते दिखे। पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को अपना घर संभालने की नसीहत भी दे दी।
इन 26 सीटों पर चुनाव
कश्मीर संभाग : कंगन, गांदरबल, हजरतबल, खानयार, हब्बाकदल, लाल चौक, चन्नपोरा, जदीबल, ईदगाह, सेंट्रल शाल्टेंग, बडगाम, बीरवाह, खानसाहब, चरार-ए-शरीफ और चदूरा
जम्मू संभाग : गुलाबगढ़, रियासी, श्री माता वैष्णो देवी, कालाकोट-सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बुद्धल, थन्नामंडी, सूरनकोट, पुंछ-हवेली और मेंढर