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Jammu Kashmir Election: भाजपा की जम्मू-कश्मीर में ताकत बढ़ी, पर प्रत्याशियों की संख्या में कमी

Mon, 16 Sep 2024 01:31 PM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Mon, 16 Sep 2024 01:31 PM IST
सार

भाजपा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 90 में से 61 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, लेकिन कश्मीर में प्रत्याशियों की संख्या कम रखी है, जो 2008 और 2014 की तुलना में घटती जा रही है।

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Jammu Kashmir Election BJP's strength increased in Jammu and Kashmir, but the number of candidates decreased
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है, लेकिन प्रत्याशियों की संख्या में कमी से पार्टी के रणनीतिक दृष्टिकोण पर सवाल उठ रहे हैं। भाजपा इस बार विधानसभा की 90 में से 61 सीटों पर चुनावी मैदान में है, जिसमें जम्मू संभाग की सभी 43 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए गए हैं, जबकि कश्मीर की 47 सीटों में से केवल 18 पर प्रत्याशी उतारे गए हैं।

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पार्टी ने पिछले 15 वर्षों में जम्मू-कश्मीर में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है, लेकिन 2008 और 2014 के चुनावों की तुलना में इस बार प्रत्याशियों की संख्या कम है। इस स्थिति से यह सवाल उठता है कि क्या भाजपा की कश्मीर में उतनी मजबूत स्थिति है, जितना उसके चुनावी आंकड़े संकेत देते हैं।
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पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि कश्मीर में प्रत्याशी सिर्फ उन सीटों पर उतारे गए हैं जहां जीत की संभावना अधिक है। इसके अलावा, लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने कश्मीर केंद्रित तीन प्रमुख सीटों श्रीनगर, बारामुला और अनंतनाग-राजोरी पर प्रत्याशी नहीं उतारे थे। इस बार भी पार्टी ने घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारे हैं, जिनमें दक्षिण कश्मीर में आठ और उत्तरी व मध्य कश्मीर में पांच-पांच प्रत्याशी शामिल हैं।

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1987 के चुनाव में 76 विधानसभा हलकों में भाजपा ने 29 प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें से दो को सफलता मिली थी। उसके बाद, सीटों की संख्या बढ़ने के बावजूद, पार्टी ने 1996 में 53, 2002 में 58, 2008 में 64 और 2014 में 75 प्रत्याशियों पर दांव लगाया। 2014 में भाजपा ने पहली बार सत्ता में आकर पीडीपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई, जो 2018 में गिर गई। इसके बाद, केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सीधे शासन लागू किया और अनुच्छेद 370 व 35ए को हटा दिया गया।

राजनीतिक विश्लेषक प्रो. हरिओम का कहना है कि भाजपा की घाटी में उतनी ताकत नहीं बढ़ी है। कश्मीरी अवाम भाजपा को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रही है, जबकि जम्मू संभाग में पार्टी का जनाधार मजबूत है। चिनाब वैली और पीर पंजाल क्षेत्रों में पार्टी को विशेष चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। चुनावी रणनीति के तहत, पार्टी को सत्ता में आने के लिए जम्मू संभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

भाजपा ने इस बार 61 सीटों में से 24 टिकट मुस्लिम समुदाय के लोगों को दिए हैं, जो कुल टिकटों का 40 प्रतिशत है। इनमें ज्यादातर सीटें कश्मीर और पीर पंजाल क्षेत्र में हैं, जो पार्टी की सांप्रदायिक विविधता और समावेशिता की रणनीति को दर्शाता है।

पार्टी की चुनावी रणनीति का आकलन करने के लिए, पिछले चुनावों के आंकड़े
2014: 75 प्रत्याशी, 25 जीते, 40 प्रतिशत मत, 22.98 प्रतिशत वोट शेयर
2008: 64 प्रत्याशी, 11 जीते, 40 प्रतिशत मत, 12.45 प्रतिशत वोट शेयर
2002: 58 प्रत्याशी, 1 जीते, 43 प्रतिशत मत, 8.57 प्रतिशत वोट शेयर
1996: 53 प्रत्याशी, 8 जीते, 33 प्रतिशत मत, 12.13 प्रतिशत वोट शेयर
1987: 29 प्रत्याशी, 2 जीते, 20 प्रतिशत मत, 5.10 प्रतिशत वोट शेयर

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