जम्मू कश्मीर: पीएमएलए मामले में ईडी ने संपत्तियों के दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी, डिजिटल डिवाइस किए जब्त
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान, संपत्ति के दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी, डिजिटल डिवाइस और कुछ अन्य कागजात के रूप में विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज पाए गए हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मंत्री लाल सिंह और उनकी पत्नी कांता अंदोत्रा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया है। ईडी के मुताबिक सिंह और उनकी पत्नी ने अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रस्ट के नाम 100 की जगह 328 कनाल से ज्यादा जमीन हासिल की और इसका व्यावसायिक उपयोग किया। डोगरा स्वाभिमान संगठन पार्टी (डीएसएसपी) के अध्यक्ष लाल सिंह की पत्नी कांता अंदोत्रा शैक्षिक ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं।
ईडी ने इस संबंध में एक वक्तव्य जारी कर बताया कि मंगलवार को कठुआ जिले के करांडी खुर्द गांव में ट्रस्ट के कार्यालय के अलावा कठुआ जिले में सिंह और उनकी पत्नी के आवास, कठुआ के पूर्व उपायुक्त अजय सिंह के आवासीय परिसर, राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी ली गई।
इसके अलावा ट्रस्ट के लिए जमीन दान करने वाले और बिचौलियों के आवासीय परिसरों की भी तलाशी ली गई, जिनके नाम सीबीआई की जांच के दौरान सामने आए थे।
इससे पहले सीबीआई जांच में सामने आया कि 2011 में आरबी एजुकेशनल ट्रस्ट की अध्यक्ष अंदोत्रा, उनके पति लाल सिंह और अन्य ने तत्कालीन पटवारी रविंदर सिंह, तत्कालीन नायब तहसीलदार गौरव शर्मा और तत्कालीन तहसीलदार सुभाष चंदर के साथ आपराधिक साजिश रच गलत फर्द जारी करवाई और ट्रस्ट को 100 कनाल की जगह 328 कनाल से ज्यादा जमीन आवंटित की गई।
इस अतिरिक्त जमीन का उपयोग ट्रस्ट की तरफ से डीपीएस स्कूलों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को चलाने के लिए किया जा रहा है। तलाशी के दौरान संपत्ति के दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी, हार्ड डिस्क, डिजिटल डिवाइस, डिजिटल साक्ष्य और कई संदिग्ध कागजात को जब्त किया गया है।
मंगलवार को पूर्व सांसद एवं डोगरा स्वाभिमान संगठन के संस्थापक चौधरी लाल सिंह के कठुआ स्थित आवास सहित आठ जगहों पर प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने छापेमारी की। सुबह 8 बजे पहुंची टीम ने पूर्व सांसद के घर के अंदर दाखिल होकर अंदर से दरवाजे बंद कर लिए और किसी के अंदर या बाहर आने-जाने पर पाबंदी लगा दी। वहीं, चौधरी लाल सिंह के घर हुई छापेमारी की खबर मिलने पर उनके चौधरी लाल सिंह के घर के बाहर जमा हो गए और केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
बड़ी देर तक समर्थक केंद्र सरकार, ईडी और सीबीआई के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। समर्थकों ने कहा कि केंद्र सरकार हर उस संगठन या व्यक्ति को दबाना चाहती है, जिसने केंद्र सरकार का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि चौधरी लाल सिंह जननेता हैं और हमेशा लोगों के हित के लिए केंंद्र सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं। कहा कि सरकार चाहती है कि कोई भी सरकार के खिलाफ न बोल पाए। इसी कारण प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी का खौफ दिखाकर चौधरी लाल सिंह को बिना वजह परेशान किया जा रहा है।
इस दौरान चौधरी लाल सिंह के समर्थकों ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए उनके घर के मेन गेट पर अपनी गाड़ियां खड़ी कर दीं। इसके अलावा वह खुद भी गेट पर डटे रहे। समर्थक जगबीर सिंह ने कहा कि सभी समर्थकों ने फैसला किया है कि ईडी आई तो अपनी मर्जी से हैं लेकिन वह अपनी मर्जी से जा नहीं सकते। कहा कि ईडी का कोई अधिकारी अपनी टांगों पर चलकर नहीं जा सकता। कहा कि यहां से न तो कोई ईडी वाला जाएगा और न ही उनकी गाड़ियां। ताकि, दूसरी बार जांच के नाम पर डोगरा स्वाभिमान संगठन के किसी सदस्य को परेशान नहीं कर सकेंगे।
ईडी टीम के रवाना होने के बाद चौधरी लाल सिंह ने अपने आवास स्थित कार्यालय में समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह लोग पिछले एक साल से मेरे पीछे लगे हुए थे। उन्होंने कहा यह मेरी अकेले की नहीं लोगों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि अगर यह जंग जीतनी है तो उसके लिए सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित होकर लंबा संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईडी वालों की ड्यूटी लगी है कि जैसे मर्जी चौधरी लाल सिंह को परेशान करना है। उन्होंने कहा कि लगातार 13 घंटे दौरान उन्होंने कई सवाल जवाब किया।
उन्होंने कहा कि ईडी की टीम ने घर का हर कोना खंगाला, लेकिन कुछ भी संदिग्ध उन्हें नहीं मिला। उन्होंने कहा कि ना तो मेरे पास पावर है और ना ही मेरे पास पुलिस। लेकिन हमारे पास लोग हैं। जिनके दम पर यह यह जंग केवल लड़ी नहीं बल्कि जीती भी जाएगी। उन्होंने कहा कि रविवार को दोपहर 11:00 बजे सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी यहीं एक बार दोबारा इकट्ठे होंगे और आगामी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।