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जम्मू कश्मीर: ईडी का 250 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छह जगहों पर छापा, जेके बैंक से जुड़ा है मामले
Thu, 30 Nov 2023 10:01 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 30 Nov 2023 10:01 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष का परिसर भी खंगाला गया है। इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि मामला जेके बैंक से जुड़ा है।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने जम्मू-कश्मीर में 250 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छह स्थानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष का परिसर भी खंगाला गया है। इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि मामला जेके बैंक से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार यह धोखाधड़ी रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसायटी के नाम पर हुई थी।
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने फर्जी हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष हिलाल ए मीर, जेके स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद शफी डार और अन्य के खिलाफ मामले में आरोप पत्र दायर किया था।
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एसीबी की जांच के अनुसार, मीर ने सहकारी समितियों के प्रशासन विभाग के सचिव को जेके सहकारी बैंक लिमिटेड को 300 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने के लिए निर्देश दिया था। इस पैसे से सैटेलाइट टाउनशिप के निर्माण के लिए श्रीनगर के बाहरी इलाके में 37.5 एकड़ भूमि का कब्जा लेने का जिक्र था।
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तदनुसार, श्रीनगर में जेके सहकारी बैंक ने किसी भी औपचारिकता का पालन किए बिना 223 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया। जांच में पता चला कि रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी को रजिस्ट्रार सहकारी सोसायटी, जम्मू और कश्मीर से पंजीकृत तक नहीं करवाया गया है, जबकि मीर ने डार और अन्य के साथ मिलकर फर्जी और काल्पनिक पंजीकरण प्रमाण पत्र तैयार कर लिया।
ऋण राशि भूमि स्वामियों के खातों में डाल दी गई, लेकिन भूमि बैंक के पास गिरवी नहीं रखी गई। एसीबी द्वारा की गई जांच में 223 करोड़ रुपये की हेराफेरी पाई गई, जिसमें से 187 करोड़ रुपये की राशि जब्त कर ली गई है।