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जम्मू-कश्मीर: गांवों में आवासीय भूमि का ड्रोन से होगा सर्वे, संपत्ति कार्ड होंगे जारी
Thu, 09 Dec 2021 10:44 AM IST
करिश्मा चिब
संजीव दुबे, जम्मू।
संजीव दुबे, जम्मू।
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 09 Dec 2021 10:44 AM IST
सार
पंद्रह दिन में अधिसूचना की रूपरेखा होगी तैयारी। 31 दिसंबर तक जम्मू-कश्मीर में लागू होगा आबादी सर्वे।
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जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय भूमि का ड्रोन से सर्वे किया जाएगा
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय भूमि का ड्रोन से सर्वे किया जाएगा, इसके बाद लोगों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे। आबादी के सर्वे और प्रॉपर्टी कार्ड की अधिसूचना जारी करने के लिए राजस्व विभाग के आयुक्त सचिव विजय कुमार बिदूरी की तरफ से कस्टोडियन जनरल राजेश शर्मा की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी 15 दिन में अधिसूचना की पूरी रूपरेखा तैयार कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। 31 दिसंबर तक प्रदेश में योजना को लागू किया जा सकता है।
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कमेटी के अध्यक्ष राजेश शर्मा के अनुसार जम्मू-कश्मीर के गांवों में आवासीय भूमि पर रह रहे लोगों का सर्वे केंद्रीय सरकार की स्वामित्व योजना के तहत किया जाना है। योजना के तहत गांवों में आवासीय भूमि के सर्वे ड्रोन के जरिये होगा। इससे ग्रामीण इलाकों की जमीनों का सीमांकन होगा और ग्रामीण इलाकों में मौजूद घरों के मालिकों के मालिकाना हक का रिकॉर्ड बनेगा। भूमि मालिक संपत्ति कार्ड का इस्तेमाल बैंकों से कर्ज लेने के अलावा अन्य कामों में भी कर सकेंगे।
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कैसे काम करेगी स्वामित्व योजना
स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आवासीय भूमि की पैमाइश ड्रोन के जरिए होगी। ड्रोन से गांवों की सीमा के भीतर आने वाली हर संपत्ति का डिजिटल नक्शा तैयार होगा। साथ ही हर राजस्व ब्लॉक की सीमा भी तय होगी। यानी कौन सा घर कितने एरिया में है, यह ड्रोन टेक्नोलॉजी से सटीक मापा जा सकेगा। प्रदेश सरकार गांव के हर घर का संपत्ति कार्ड बनाएगी।
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ये फायदे मिलेंगे
गांवों में आवासीय भूमि के मालिक को उसका मालिकाना हक आसानी से मिलेगा। संपत्ति कितनी है तय होने पर उसके दाम भी आसानी से तय हो पाएंगे। पंचायत स्तर पर टैक्स व्यवस्था में सुधार होगा। संपत्ति कार्ड का इस्तेमाल कर्ज लेने में किया जा सकेगा।