शिक्षा: निपुण भारत और विद्या प्रवेश कार्यक्रम के लिए तैयार हो रहे शिक्षक, डाइट दे रहा प्रशिक्षण
जम्मू जिलों के 15 जोन में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डाइट ने पहले फेज में अभी तक 13 जोन में 650 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है।
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जम्मू जिलों के 15 जोन में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। डाइट ने पहले फेज में अभी तक 13 जोन में 650 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया है। इसके बाद दूसरे चरण के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। हर ब्लॉक में 50 शिक्षकों के बैच को संसाधन व्यक्ति प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसमें शिक्षकों को नई व्यवस्था के तहत कैसे बच्चों को पढ़ाएं, खेल-खेल में कैसे रचनात्मक गतिविधियां करें सहित अन्य विभिन्न पहलुओं से रूबरू करवाया जा रहा है।
जम्मू जिले में हर ब्लॉक में शिक्षकों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें प्राइमरी, मिडिल और हाई सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा एक से तीन के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तैयार किया है। डाइट प्रिंसिपल जम्मू रोशन लाल ने कहा कि हम पहले चरण का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा करने वाले हैं। इसके बाद दूसरे चरण का शुरू होगा। प्रशिक्षण में शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के तहत शुरू की गई पहलों को प्रभावी कार्यान्वयन के लिए तैयार किया जा रहा है।
क्या है निपुण भारत
निपुण भारत अभियान के तहत स्कूली बच्चों को समग्र विकास एवं बुनियादी शिक्षा उपलब्ध कराना है। प्राइमरी स्कूलों में इसे लागू किया गया है। कक्षा तीन में पढ़ने वाले बच्चों में भाषा व गणित में दक्षता बढ़ाने के लिए मिशन निपुण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
विद्या प्रवेश कार्यक्रम
इस कार्यक्रम के तहत स्कूल में दाखिला लेने से पहले छोटे बच्चों को तीन महीने का रिफ्रेशर कोर्स करवाया जाता है। इसमें बच्चों को स्कूल में बैठने के तौर तरीके सिखाए जाते हैं।
आओ स्कूल चले अभियान में डेढ़ लाख छात्रों का हुआ दाखिला
जम्मू-कश्मीर में सरकारी स्कूली के प्रति बच्चों और अभिभावकों का रुझान बढ़ रहा है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आओ स्कूल चले अभियान के तहत शीतकालीन सत्र में 1.50 लाख बच्चों ने दाखिला लिया है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने विशेष आवश्यकता वाले पात्र बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) को अनुरक्षण भत्ता, पाठक भत्ता और लड़कियों को छात्रवृत्ति के रूप में डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में 165.09 लाख रुपये हस्तांतरित किए हैं। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा (समावेशी शिक्षा) को आगे बढ़ाने की अनुमति देता है, जिसके तहत सरकार काम कर रही है।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि आओ स्कूल चले अभियान में 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की प्री-स्कूलिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया और स्कूल छोड़ने वाले का पुन: नामांकन कराया गया। स्कूल छोड़ चुके बच्चों की तलाश के लिए सरकार ने तलाश एप भी शुरू किया है। शिक्षा विभाग जल्द ही ‘स्टूडेंट्स मेंटरशिप’ स्टूडेंट टीचर एंगेजमेंट फॉर एजुकेशनल रीइन्फोर्समेंट (एसटीईईआर) प्रोग्राम शुरू करेगा। इस पहल के तहत प्राथमिक विद्यालय के प्रत्येक दस छात्रों के लिए एक शिक्षक सलाहकार की भूमिका निभाएगा। सरकार जम्मू-कश्मीर की साक्षरता दर को सुव्यवस्थित करने, स्कूली शिक्षा में सामाजिक और लैंगिक अंतर को पाटने के लिए व्यापक उपाय कर रही है।