{"_id":"6227c5b231dba71a5416fc41","slug":"jammu-kashmir-development-jammu-news-jmu255328852","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में एक माह में खुलेंगे महिला हाट, पंचायतों तक होगा विस्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में एक माह में खुलेंगे महिला हाट, पंचायतों तक होगा विस्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में एक माह में खुलेंगे महिला हाट, पंचायतों तक होगा विस्तार
मुख्य सचिव ने आजीविका जेके पोर्टल का किया शुभारंभ, बोले-बनेंगी महिलाएं सशक्त
कहा, महिलाएं पुरुष प्रधान कार्यों मनरेगा की ठेकेदारी, पर्यटन व अन्य क्षेत्रों में आजमाएं भाग्य
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में अगले एक महीने में उम्मीद महिला हाट खुलेंगे। इसके जरिये महिलाएं खुद सशक्त होंगी। इसका विस्तार पंचायत स्तर तक किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने दी। महिला दिवस पर जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की ट्रैकिंग के लिए आजीविका जेके पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि महिलाएं 90 के दशक में कठिन परिस्थितियों में भी पुरुषों से आगे रहीं। यहां की महिलाओं के साथ लिंग के आधार पर कभी भी विभेद नहीं किया गया। फिर भी इन्हें सशक्त करने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं से आगे आते हुए पुरुष प्रधान मनरेगा के ठेकों, पर्यटन व अन्य क्षेत्रों के कार्यों में भी अपना भाग्य आजमाने को प्रोत्साहित किया। कहा कि प्रशासन हर प्रकार से उनकी मदद को तत्पर रहेगा। जेकेआरएलएम उनके सपनों को उड़ान भरने का सही मंच है। कहा कि सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन यह तब तक सकारात्मक रूप नहीं लेगा जब तक कि महिलाएं इसका लाभ न उठाएं। अगले पांच साल में जम्मू-कश्मीर की सकल घरेलू आय दोगुनी होनी है। ऐसे में महिलाएं अपना शेयर लेते हुए आय में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
कहा कि पांच लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अगले महिला दिवस तक यह संख्या 10 लाख तक पहुंच जाएगी। डिजिटल साक्षरता पर जोर देते हुए कहा कि इससे महिलाओं के हित और अधिकार सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक से कम से कम पांच महिलाओं को जागरूक करने और नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर में अपना योगदान देने की अपील की।
विज्ञापन
ग्रामीण विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर ने कहा कि जेकेआरएलएम 50 हजार स्वयं सहायता समूहों तथा पांच लाख महिलाओं से जुड़ा है। मिशन निदेशक डॉ. सैयद सहरिश असगर ने मिशन की कार्यप्रणाली व उपलब्धियों की जानकारी दी।
---
सफल महिलाओं को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें वुशू चैंपियन सादिया तारिक, मशहूर गायिका सोनाली डोगरा, रीतू सिंह, सना मसूद व अन्य को सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में प्रहलाद कक्कड़, विनोद कुमार व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्य सचिव ने आजीविका जेके पोर्टल का किया शुभारंभ, बोले-बनेंगी महिलाएं सशक्त
कहा, महिलाएं पुरुष प्रधान कार्यों मनरेगा की ठेकेदारी, पर्यटन व अन्य क्षेत्रों में आजमाएं भाग्य
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में अगले एक महीने में उम्मीद महिला हाट खुलेंगे। इसके जरिये महिलाएं खुद सशक्त होंगी। इसका विस्तार पंचायत स्तर तक किया जाएगा। यह जानकारी मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने दी। महिला दिवस पर जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की ट्रैकिंग के लिए आजीविका जेके पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
मुख्य सचिव ने कहा कि महिलाएं 90 के दशक में कठिन परिस्थितियों में भी पुरुषों से आगे रहीं। यहां की महिलाओं के साथ लिंग के आधार पर कभी भी विभेद नहीं किया गया। फिर भी इन्हें सशक्त करने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं से आगे आते हुए पुरुष प्रधान मनरेगा के ठेकों, पर्यटन व अन्य क्षेत्रों के कार्यों में भी अपना भाग्य आजमाने को प्रोत्साहित किया। कहा कि प्रशासन हर प्रकार से उनकी मदद को तत्पर रहेगा। जेकेआरएलएम उनके सपनों को उड़ान भरने का सही मंच है। कहा कि सरकार ने महिलाओं के कल्याण के लिए कई कदम उठाए हैं, लेकिन यह तब तक सकारात्मक रूप नहीं लेगा जब तक कि महिलाएं इसका लाभ न उठाएं। अगले पांच साल में जम्मू-कश्मीर की सकल घरेलू आय दोगुनी होनी है। ऐसे में महिलाएं अपना शेयर लेते हुए आय में बढ़ोतरी कर सकती हैं।
विज्ञापन
कहा कि पांच लाख महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि अगले महिला दिवस तक यह संख्या 10 लाख तक पहुंच जाएगी। डिजिटल साक्षरता पर जोर देते हुए कहा कि इससे महिलाओं के हित और अधिकार सुरक्षित रह सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक से कम से कम पांच महिलाओं को जागरूक करने और नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर में अपना योगदान देने की अपील की।
विज्ञापन
ग्रामीण विकास विभाग की आयुक्त सचिव मंदीप कौर ने कहा कि जेकेआरएलएम 50 हजार स्वयं सहायता समूहों तथा पांच लाख महिलाओं से जुड़ा है। मिशन निदेशक डॉ. सैयद सहरिश असगर ने मिशन की कार्यप्रणाली व उपलब्धियों की जानकारी दी।
---
सफल महिलाओं को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की सफल महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें वुशू चैंपियन सादिया तारिक, मशहूर गायिका सोनाली डोगरा, रीतू सिंह, सना मसूद व अन्य को सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में प्रहलाद कक्कड़, विनोद कुमार व अन्य मौजूद रहे।