Jammu Kashmir:जम्मू विवि के पुस्तकालय को रातभर खुला रखने की मांग, छात्रों ने की अधिकारियों से मुलाकात
छात्रों के अनुसार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल में घोषणा की है कि जेकेएसएसबी की परीक्षाएं नवंबर महीने में ली जाएंगी। इसके अलावा अन्य परीक्षाएं भी जल्द होने वाली हैं। दिन भर छात्र व शोधार्थी कक्षाओं व शोधकार्य में व्यस्त रहते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों के पास रात को समय होता है।
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जम्मू विश्वविद्यालय के धनवतंरी पुस्तकालय में 11 बजे के बाद पढ़ाई करने की व्यवस्था नहीं करने पर छात्रों ने कड़ा रोष जताया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर पुस्कालय को रातभर खुला रखने की व्यवस्था नहीं की गई, तो सोमवार से वे रात के 11 बजे से पुस्तकालय के बाहर बैठकर पढ़ाई करेंगे।
छात्र अनिरुद्ध, अनिकेत, दिव्यम, निखिल और विकास आदि ने कहा कि कोरोना की पाबंदियां हटने के बाद बाकी नियमों में बदलाव किया गया, लेकिन पुस्तकालय खोलने और बंद करने के समय में कोई बदलाव नहीं हुआ। उन्होंने अधिष्ठाता छात्र कल्याण से लेकर विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया।
लेकिन, प्रशासन ने कोई हल नहीं निकाला। कहा कि वीरवार रात 11 बजे धनवंतरी पुस्तकालय के बाहर उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर रोष जताया है। छात्रों का कहना है छह महीने से प्रशासन सुरक्षा का हवाला दे रहा है। जबकि, छात्राएं ग्यारह बजे के बाद पुस्तकालय में नहीं बैठती हैं।
छात्रों के अनुसार उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हाल में घोषणा की है कि जेकेएसएसबी की परीक्षाएं नवंबर महीने में ली जाएंगी। इसके अलावा अन्य परीक्षाएं भी जल्द होने वाली हैं। दिन भर छात्र व शोधार्थी कक्षाओं व शोधकार्य में व्यस्त रहते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों के पास रात को समय होता है। वे रात नौ बजे पुस्तकालय जाते हैं। लेकिन 10:45 बजे बल्बों को बंद कर दिया जाता है।
बिजली बिल ज्यादा आना बताया जा रहा कारण
छात्रों का कहना है कि जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें पुस्तकालय बंद रखने का स्पष्ट कारण नहीं बताया, तब उन्होंने पीएमओ कार्यालय और गवर्नर हाउस में आरटीआई डालकर लिखित में जवाब मंगवाया है। प्रशासन ने जवाब में बताया है कि बिजली का ज्यादा बिल अदा करना पड़ रहा है।
खर्चा ज्यादा आने की वजह से 11 बजे पुस्तकालय को बंद रखा जाता है। छात्रों का आरोप है कि पांच सालों में प्रशासन ने 600 से 990 रुपये शुल्क बढ़ाया है। मोटी फीस भरने के बावजूद भी पढ़ाई के लिए ज्यादा उन्हें पुस्तकालय में पर्याप्त समय नहीं दिया जाता है। वहीं, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रकाश अन्थाल ने कहा कि इस मामले में कुलपति के साथ जल्द बात की जाएगी।