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JKCA विवाद: मैदान पर ताले जड़ने से शर्मसार हुई क्रिकेट

Thu, 17 Dec 2015 01:41 PM IST
Updated Thu, 17 Dec 2015 01:41 PM IST
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jammu kashmir cricket association dispute over chairmanship

जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में वर्ष 2015 भी उतार चढ़ाव भरा रहा। चाहे वह चुनाव रहे या घोटाले। जमकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। जेकेसीए में खींचतान का असर क्रिकेट पर भी रहा।

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इस सीजन रणजी में जेकेसीए अपने आठ मुकाबलों में किसी में भी सफलता नहीं हासिल कर पाया। घरेलू मैदान पर चार मुकाबले होने के बावजूद तीन मुकाबलों में हार के साथ ग्रुप सी में सिर्फ नौ अंक ही मिले। खींचतान और घोटालों से पिछले चार साल से बीसीसीआई ने भी कोई फंड जारी नहीं किए हैं।
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इस साल 20 जुलाई को जेकेसीए में उस समय भूचाल आया जब एक धड़े ने श्रीनगर में वर्किगिं कमेटी की बैठक बुलाकर महबूब इकबाल को चेयरमैन, खेल मंत्री इमरान रजा अंसारी को प्रधान और इकबाल शाह को महासचिव बनाया दिया।
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113 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला

jammu kashmir cricket association dispute over chairmanship

24 जुलाई को डा. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में दूसरे धड़े ने भी वर्किगिं कमेटी की बैठक बुलाकर पहले धड़े के चुनाव को अवैध घोषित करके जम्मू विंग के उपचेयरमैन और संयुक्त सचिव को निलंबित कर दिया था।

हालांकि बाद में बीसीसीआई ने अदालत के एक आदेश पर अंसारी धड़े को रणजी व अन्य दूसरी प्रतियोगिताओं की मान्यता दे दी। इससे पूर्व 13-3-2015 को खींचतान के चलते एक धड़े ने जीजीएम साइंस कालेज जम्मू की हास्टल ग्राउंड पर ताले झड़ दिए।

जिससे चीफ कोच सुनील जोशी को खिलाडि़यों के साथ निराश होकर लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम में पहले दिन ट्वंटी-20 रणजी के ट्रायल मुकाबले भी नहीं हो पाए। दूसरे फारूक धड़े ने इसकी नावाबाद पुलिस में मामला भी दर्ज कराया।

इसके बाद 3-9-2015 को जेएंडके हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जेकेसीए में 113 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए। कुल मिलाकर सालभर जेकेसीए में उथल पुथल चलती रही।

ब‌िना कोच के खेल रही जम्मू कश्मीर की रणजी टीम

jammu kashmir cricket association dispute over chairmanship

जेकेसीए में 2015 के शुरू में स्लो लेफ्ट आर्म स्पिनर से विख्यात सुनील जोशी के चले जाने के बाद पूरा साल चीफ कोच की कुर्सी खाली रही है। पिछले सीजन जोशी के नेतृत्व में रणजी सहित अन्य आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में जेएंडके ने शानदार प्रदर्शन किया था।

हालांकि अजय जडेजा, पटेल,  टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूदीन के नामों पर चर्चा हुई। मगर चीफ कोच का पद नहीं मिल पाया।

इससे पूर्व  नेचुरल स्पिनर के नाम से विश्वभर में विख्यात बिशन सिंह बेदी को 17 जुलाई 2011 को जेकेसीए में बतौर चीफ कोच के तौर पर तीन साल के लिए नियुक्त किया गया था। लेकिन जेकेसीए में मतभेद के चलते उन्हें डेढ़ साल के अंतराल में ही अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।

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