Coronavirus: श्रीनगर में दो मासूम पाए गए संक्रमित, दोनों भाई-बहन
श्रीनगर में कोरोना वायरस के दो और संक्रमित मामले सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि दोनों भाई-बहन हैं। दोनों की उम्र क्रमशः सात और आठ साल है। इसी परिवार का एक सदस्य 24 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। यह बच्चे उसी के नाती-पोते हैं। उक्त संक्रमित का विदेश यात्रा का इतिहास भी है। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में संक्रमित मामलों की कुल संख्या 13 हो गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीनगर में कोरोना वायरस के दो और संक्रमित मामले सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि दोनों भाई-बहन हैं। दोनों की उम्र क्रमशः सात और आठ साल है। इसी परिवार का एक सदस्य 24 जनवरी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। यह बच्चे उसी के नाती-पोते हैं। उक्त संक्रमित का विदेश यात्रा का इतिहास भी है। इसी के साथ जम्मू-कश्मीर में संक्रमित मामलों की कुल संख्या 13 हो गई है।
#COVID19#JammuAndKashmirविज्ञापन
Two more positive cases in Srinagar. Siblings (7 years old and 8 months old)- grandchildren of a confirmed case from Srinagar with travel history to Saudi Arabia who had tested positive on 24th. Total number of active positive cases now 11. @diprjkविज्ञापन विज्ञापन— Rohit Kansal (@kansalrohit69) March 26, 2020
इससे पहले आज यानी कि गुरुवार को श्रीनगर के चेस्ट डिजीज (सीडी) अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित 65 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। स्किम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल बेमिना पर इलाज में सही प्रोटोकॉल और एसओपी का पालन न करने का आरोप लगा है। इस पर डिवीजनल कमिश्नर पीके पोल ने एडिशनल कमिश्नर कश्मीर तसदुक हुसैन मीर को जांच अधिकारी नियुक्त कर दो दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। एमएस स्किम्स बेमिना और एचओडी चेस्ट मेडिसन से जवाब तलब किया गया है।
राज्य के प्रवक्ता रोहित कांसल ने श्रीनगर के हैदरपुरा निवासी बुजुर्ग की मौत की पुष्टि की है। वह तनाव और ओबेसिटी जैसी अन्य बीमारियों से भी ग्रस्त था। बुधवार को उसके संपर्क में आए चार अन्य लोगों की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। बुजुर्ग की ट्रैवल हिस्ट्री अंडमान निकोबार की थी और हाल ही में वह दिल्ली से लौटा था।
कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद प्रशासन ने भी सख्ती और बढ़ा दी है। सीडी हॉस्पिटल की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिये हैं। रोज़ की तरह वीरवार को भी पाबंदियां थीं लेकिन उन्हें और सख्ती से लागू किया गया। यहां तक कि काम के लिए निकले आपात सेवाओं से संबंधित लोगों और मीडिया कर्मियों को भी कई जगहों पर कुछ देर तक रोका गया।
मरीज अस्पताल आया था लेकिन भर्ती नहीं किया
डिवकॉम ने जारी पत्र में कहा है कि 65 वर्षीय मरीज 21 मार्च सुबह करीब साढ़े आठ बजे स्किम्स बेमिना में इलाज के लिए पहुंचा था और अपनी पूरी ट्रैवल हिस्ट्री बताई थी। जांच में उसेे कोविड-19 का संदिग्ध पाया गया था। पत्र में लिखा है कि मरीज की ट्रैवल हिस्ट्री जानने और उसके लक्षणों को देखने के बावजूद भी अस्पताल प्रशासन ने इसकी जानकारी संभागीय, जिला और पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में नहीं लाई। मरीज अस्पताल में भर्ती हुए बिना लौट गया। इस दौरान उसके जरिए संक्रमण फैलने का पूरा मौका दिया गया।
अब एमएस स्किम्स बेमिना और एचओडी चेस्ट मेडिसन से जवाब तलब किया गया है। बता दें कि जांच के आदेश बुधवार को दिए गए थे। इसको लेकर डिवीज़नल कमिश्नर कश्मीर पीके पोल ने कहा कि जांच का मरीज की मौत के साथ कोई संबंध नहीं है, बल्कि जांच इसलिए बिठाई गई है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या इस मरीज के इलाज को लेकर डॉक्टरों द्वारा सही प्रोटोकॉल और एसओपी का पालन किया गया है या नहीं।