अमरनाथ यात्रा 2022: बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के साथ पड़ाव स्थलों का विस्तार, कोरोना की तीसरी लहर मंद पड़ते ही तैयारियां शुरू
अमरनाथ यात्रा सामान्य तौर पर जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होती है। कोविड संक्रमण के कम होने से इस बार डॉक्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी की जा रही है। जल्द ही यात्रा को लेकर श्राइन बोर्ड की बैठक होगी।
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काेरोना की तीसरी लहर के मंद पड़ने के साथ अमरनाथ यात्रा 2022 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिला स्तर पर यात्रा की तैयारियों को लेकर काम शुरू कर दिया गया है। देश दुनिया से आने वाले यात्रियों के लिए पड़ाव स्थलों के विस्तार का काम भी चल रहा है। सामान्य तौर पर जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में अमरनाथ यात्रा शुरू होती है। कोविड संक्रमण के कम होने से इस बार डॉक्टरों की सेवाएं लेने की भी तैयारी की जा रही है। बताया जाता है कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक कर यात्रा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
आधुनिक पड़ाव स्थलों का निर्माण किया जा रहा
अमरनाथ यात्रा में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने के साथ पड़ाव स्थलों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए श्रीनगर में 2800, रामबन के चंद्रकोट में 3200 और जम्मू के मजीन में अमरनाथ यात्रियों के लिए 3000 श्रद्धालुओं की क्षमता वाले आधुनिक पड़ाव स्थलों का निर्माण किया जा रहा है।
अमरनाथ गुफा के आसपास केबल कार योजना भी प्रस्तावित
हालांकि यात्रियों को आगामी समय में इनकी सुविधाएं मिल सकेंगी, लेकिन इससे यात्रा और सुगम होगी। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न कारणों से प्रभावित होने पर यात्रियों को उचित पड़ाव स्थलों में ठहराया जा सकेगा। आगामी समय में अमरनाथ गुफा के आसपास केबल कार योजना भी प्रस्तावित है।
दस लाख यात्रियों के आने की संभावना
यात्रा में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार आगामी समय में दस लाख यात्रियों के आने की संभावना को देखते हुए किया जा रहा है। अब तक वर्ष 2011 में 6.36 लाख रिकार्ड यात्री पहुंचे हैं। इसके अगले वर्ष 2012 को भी 6.20 लाख यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन से प्रभावित होने के साथ अगले दो साल कोविड के कारण यात्रा नहीं हो पाई।
पंथाचौक ट्राजिंट कैैंप का डीसी ने किया निरीक्षण
श्रीनगर के उपायुक्त मोहम्मद एजाज असद ने मंगलवार को पंथाचौक स्थित अमरनाथ यात्रा ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने अमरनाथ यात्रा 2022 के लिए की जा रही तैयारियों की जानकारी ली। वर्तमान में इस कैंप में 2500 यात्रियों को ठहराने की क्षमता है। डीसी ने अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग को मौजूदा क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि करीब 6000 यात्रियों की क्षमता वाले आवास के लिए भूमि को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने पंथाचौक ट्रांजिट कैंप में संपर्क रोड की ब्लैक टॉपिंग का काम तेज करने को कहा है।
चंद्रकोट में यात्री निवास का निर्माण कार्य पूरा होने के करीब
रामबन के चंद्रकोट में 4800 अमरनाथ यात्रियों के लिए बनाए जा रहे यात्री निवास का निर्माण अंतिम चरणों में चल रहा है। 24 कनाल भूमि पर बन रहे आवासीय परिसर में 17 तीन मंजिला भवन होंगे। उपायुक्त मुसरत इस्लाम बताते हैं कि इस वर्ष काम पूरा होने की उम्मीद है। अतिरिक्त उपायुक्त रामबन हरबंस लाल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है जो पूरे मामले की निगरानी कर रही है।