फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir Congress: JPC should investigate the Adani case

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस: अदाणी मामले की जांच जेपीसी करे, केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी उठाए कई सवाल

Sat, 18 Feb 2023 01:59 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 18 Feb 2023 01:59 AM IST
सार

एआईसीसी के पंजाब व चंडीगढ़ मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने अदाणी मामले में केंद्र की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। कहा कि प्रधानमंत्री ने इस वर्ष अपने मित्रकाल बजट के दौरान जांच का आदेश देने के बजाय अधिक अवसरों की पेशकश की।

विज्ञापन
Jammu Kashmir Congress: JPC should investigate the Adani case
जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक - फोटो : संवाद

विस्तार

एआईसीसी के पंजाब व चंडीगढ़ मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए अदाणी मामले में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) की मांग की है। उन्होंने इस घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने इस वर्ष अपने मित्रकाल बजट के दौरान जांच का आदेश देने के बजाय अधिक अवसरों की पेशकश की। यह करोड़ों देशवासियों की गाढ़ी कमाई वाला महाघोटाला है।
विज्ञापन


अदाणी मामले पर भाजपा सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर सहित देशव्यापी स्तर पर 23 स्थानों पर पत्रकार वार्ता की।

जम्मू में शुक्रवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए चौधरी ने आरोप लगाया कि 24 जनवरी से 15 फरवरी 2023 की अवधि के दौरान अदाणी समूह के शेयर मूल्य में 1050000 करोड़ रुपये की गिरावट देखी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


एलआईसी द्वारा खरीदे गए अदाणी समूह के शेयरों का मूल्य 30 सितंबर 2022 को 83000 करोड़ रुपये था जो 15 फरवरी 2023 को घटकर 39000 करोड़ रुपये हो गया, जिसका मतलब है कि 30 करोड़ एलआईसी पालिसी धारकों की बचत का 44000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

इसके बावजूद मोदी सरकार ने एलआईसी को अदाणी उद्यमों के फालो आन पब्लिक आफर (एफपीओ) में अतिरिक्त 300 करोड़ रुपये का निवेश करने के लिए मजबूर किया।

वित्त मंत्रालय ने संसद में भी स्वीकार किया था कि अदाणी समूह सेबी के मानदंडों के उल्लंघन के आरोप में जांच के अधीन है, लेकिन फिर भी अदाणी समूह को बाजार में अपने शेयरों के मूल्यों में वृद्धि की अनुमति दी गई।

वित्त मंत्री ने फरवरी के शुरू में मित्रकाल बजट में 50 हवाई अड्डों के पुनरुद्धार की घोषणा की थी ,लेकिन उनमें से कितने अदाणी समूह को लाभान्वित किए जाएंगे, यह सवाल है।

यह ज्ञात तथ्य है कि बहुत कम समय में अदाणी समूह ने 2019 में अधिकांश हवाई अड्डों, बंदरगाहों आदि पर नियंत्रण पा लिया। आज अदाणी समूह 13 बंदरगाहों और टर्मिनलों को नियंत्रित करता है जो भारत की कुल बंदरगाह क्षमता का 30 प्रतिशत और कुल कंटेनर यातायात का 40 प्रतिशत है।


उन्होंने अन्य उदाहरणों का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष विकार रसूल वानी, कार्यवाहक अध्यक्ष रमण भल्ला, रवींद्र शर्मा, योगेश साहनी आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed