शादियों के लिए सजेगा जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री का निवास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे महज संयोग भी कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद भी पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की तरह श्रीनगर के सरकारी बंगले में नहीं रहेंगे। श्रीनगर के गुपकार रोड स्थित शाही महल हरि निवास कांपलेक्स को अब वेडिंग डेस्टीनेशन बनाने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री का यह सरकारी बंगला अब पर्यटकों को लुभाएगा। इसे शाही शादियों के लिए सजाया जाएगा। देश-विदेश के प्रेमी युगल अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए इस महल में मंडप सजा सकेंगे। मुफ्ती ने गुपकार रोड स्थित अपने मकान फेयरव्यू में ही रहने का फैसला लिया है।
इस निजी मकान में वैसी सारी सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि आम जनता की समस्याओं के निपटारे में कोई दिक्कत पेश नहीं आए। यहां जन शिकायत कोषांग बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। चर्च लेन में सीएम का निजी आफिस बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री नहीं रहते सरकारी निवासों में
यह महज संयोग भी कहा जा सकता है कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अब सीएम मुफ्ती ने जम्मू में सरकारी आवास को ही बसेरा बनाया लेकिन श्रीनगर के सरकारी बंगले में रहने के बजाए उन्होंने निजी मकानों में ही रहने को तरजीह दी।
उमर और मुफ्ती सियासत में परस्पर धुर विरोधी रहे हैं लेकिन दोनों नेताओं में बंगलों के चयन में मतैक्य दिखता है। फिलहाल मुफ्ती जम्मू कश्मीर के पर्यटन विकास के लिए मुबंई, गुजरात और दिल्ली में टूर आपरेटरों और फिल्मी हस्तियों को लुभाने में जुटे हैं।
इसी क्रम में उन्होंने श्रीनगर के शाही महल स्थित सीएम के सरकारी बंगले को पर्यटन विकास का खास केंद्र बनाने का ऐलान भी कर दिया है।
शाही महल लगभग 90 साल पुराना
श्रीनगर स्थित हरि निवास कांपलेक्स को पूर्व मुख्.यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने नए सिरे से सजाया संवारा था। आजाद के कार्यकाल में यह सीएम का सरकारी आवास रहा। तब आजाद को 2008 में समय से पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।
आजाद द्वारा इसे सीएम का सरकारी आवास बनाए जाने से पहले इस महल में इंटेलीजेंस ब्यूरो का मुख्यालय था। शाही महल लगभग 90 साल पुराना है। महाराजा हरि सिंह ने इसे बनवाया था।
महल करीब 200 कनाल भूमि के क्षेत्रफल में फैला है। डल लेक से इसकी खूबसूरती पर्यटकों को लुभाती रही है। महाराजा के जमाने के बाद आजाद के मुख्यमंत्रित्व काल में इस महल के कमरों को सात सितारा सुविधाओं से लैस बनाया गया था।