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Jammu Kashmir: बहन की हत्या मामले में भाई को मिली क्लीन चिट, हाईकोर्ट ने मोहम्मद तनवीर की सजा को किया रद्द
Fri, 25 Oct 2024 03:24 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Fri, 25 Oct 2024 03:24 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने बहन की हत्या के आरोप में मोहम्मद तनवीर की उम्रकैद की सजा को रद्द कर दिया न्यायाधीश अतुल श्रीधरन और संजय धर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया।
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अदालत(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय ने गुरुवार को सगी बहन की हत्या के आरोप में मोहम्मद तनवीर को दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश अतुल श्रीधरन और संजय धर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान हत्या के मकसद से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखा।
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खंडपीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने यह स्वीकार किया था कि हत्या का मकसद आरोपी और मृतक के बीच पूर्व की दुश्मनी थी। मृतक एक पूर्व मामले में गवाह के रूप में पेश हुआ था, जिसमें उसकी बहन पीड़ित थी। न्यायालय ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि धारा 161 सीआरपीसी के तहत दर्ज बयान में मृतक की उम्र 10-11 वर्ष दर्शाई गई थी, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी उम्र 22 वर्ष बताई गई है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सबूत उस स्तर पर नहीं थे, जो आरोपी की दोषसिद्धि को संदेह से परे साबित कर सकें। इसलिए, खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए मोहम्मद तनवीर को राहत प्रदान की।
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उच्च न्यायालय के इस फैसले ने यह स्पष्ट किया कि न्यायालय की प्रक्रिया में सबूतों की विश्वसनीयता और उनके आधार पर निर्णय लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले के पीछे की जटिलताएं और न्याय के लिए आवश्यक ठोस सबूतों की कमी ने इस निर्णय को संभव बनाया। इस फैसले ने ना केवल आरोपी के लिए राहत का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि न्यायालय की निष्पक्षता और विचारशीलता को भी प्रदर्शित किया है।
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