जम्मू-कश्मीर: चिनैनी में सोलह साल पहले निजी चंदे से बैणी संगम पर बना पुल गिरा, एक की मौत, 50 से अधिक घायल
चिनैनी में हुए हादसे के बाद पुलिस व सीआरपीएफ जवानों ने लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। 27 घायलों को उधमपुर जिला अस्पताल भेजा गया था। इनमें पांच की हालत गंभीर होने पर जीएमसी जम्मू लाया गया था।
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उधमपुर जिल के चिनैनी तहसील मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर शुक्रवार को बैणी संगम में देविका नदी पर 16 साल पहले बनाया गया पुल बैसाखी मेले के दौरान अचानक गिर गया। हादसे में 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दस साल की एक घायल बच्ची अनू देवी ने इलाज के दौरान जीएमसी जम्मू में दम तोड़ दिया।
वह चिनैनी की रहने वाली थी। हादसा उस समय हुआ जब लोहे के पुल पर सौ से अधिक लोग मौजूद थे। हादसे के बाद पुलिस व सीआरपीएफ जवानों ने लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। 27 घायलों को उधमपुर जिला अस्पताल भेजा गया था।
इनमें पांच की हालत गंभीर होने पर जीएमसी जम्मू लाया गया था। सभी हताहत आसपास के क्षेत्र के रहने वाले बताए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, चिनैनी तहसील के बैणी संगम में शुक्रवार को ऐतिहासिक बैसाखी मेला लगा था। इसमें हजारों लोग पहुंचे थे।
दोपहर करीब ढाई बजे देविका नदी पर बना लोहे का पुल अचानक गिर गया। हादसे में पुल पर मौजूद व देविका नदी में स्नान कर रहे लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो गए। मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर तैनात पुलिस और सीआरपीएफ जवानों ने बचाव कार्य शुरू कर दिया।
सभी घायलों को बैणी संगम से एंबुलेंस, पुलिस के वाहनों और स्थानीय लोगों की गाड़ियों में रख कर चिनैनी के सीएचसी ले जाया गया। हरतरफ अफरातफरी का माहौल था लोग अपनों की तलाश में जुटे हुए थे।
उधर, सीएचसी अस्पताल में चिनैनी व्यापार मंडल की टीम, एनजीओ के सदस्य घायलों की मदद में जुटे हुए थे। अस्पताल में बेड कम होने के कारण मरीजों को जमीन पर गद्दे डालकर लिटाया गया।
प्रशासन ने नहीं सुनी तब लोगों ने बनाया था 76 फुट लंबा पुल
बैणी संगम में देविका तट पर गिरा लोहे का पुल प्रशासन ने नहीं, लोगों ने चंदा जुटाकर बनाया था। वर्ष 2007 में ये पुल लोगों ने अपने आने-जाने के लिए बनाया था। स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्होंने कई बार प्रशासन से देविका तट पर पुल बनाने की मांग की थी।
जब नहीं बना तो उन्होंने चंदा इकट्ठा कर इसे बनवाया। इसकी लंबाई 76 फुट थी तथा देविका के तल से पुल की ऊंचाई करीब 20 फुट थी। पुल का निर्माण देविका में बरसात के दिनों में आने वाली बाढ़ के चलते किया गया था ताकि आसपास के लोग इस पुल से आर पार जा सकें।
लोगों के मुताबिक बैसाखी मेले पर भी इस पुल का इस्तेमाल हर वर्ष होता था और मेले में पहुंचने वाले लोग इसी पुल से आर-पार होते थे। शुक्रवार को भी इस पुल से हजारों लोगों ने आवाजाही की, लेकिन दोपहर बाद क्षमता से ज्याद भार पुल पर पड़ने से यह टूट गया।
हादसे में कई लोग घायल हो गए। स्थानीय नायब सरपंच राकेश चंद अंताल ने इस हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच की मांग उठाई है। पहले भी कई बार पुल की मांग लोग उठाते थे मगर जब पुल का निर्माण न हुआ तो लोगों ने चंदा इकट्ठा कर इसे बनाया था।
प्रशासन से बार-बार इसका संज्ञान लेने के लिए कह रहे थे लेकिन किसी का भी इस तरफ ध्यान नही गया। हादसे के वक्त सौ से ज्यादा लोग पुल पर थे।
ओवरलोडिंग के कारण पुल ढह गया है। दुर्घटना के समय बड़ी संख्या में लोग उस पर सवार थे। -रमेश कुमार, मंडलायुक्त,जम्मू।