फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Jammu Kashmir Bank fake recruitment case

नियम कानून हवा में उड़ा दिएः जम्मू-कश्मीर बैंक का जब्त रिकॉर्ड जारी करने की याचिका नामंजूर

Sun, 23 Feb 2020 04:44 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 23 Feb 2020 04:44 PM IST
विज्ञापन
Jammu Kashmir Bank fake recruitment case
जम्मू-कश्मीर बैंक

फर्जी नियुक्तियों के मामले में एंटी करप्शन कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर बैंक की अर्जी को नामंजूर कर दिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने नियुक्तियों के मामले में श्रीनगर स्थित बैंक मुख्यालय में छापा मारकर रिकॉर्ड जब्त कर लिया था। इस रिकॉर्ड को वापस देने के लिए बैंक प्रबंधन ने अर्जी दायर की थी। शनिवार को स्पेशल जज आरएन वातल ने मामले पर सुनवाई की। बैंक ने कोर्ट में दलील दी कि मुलाजिमों का इंक्रीमेंट लगाना है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जिन लोगों की नियुक्तियां ही अवैध हैं, उनके लिए इंक्रीमेंट की दलील देकर रिकॉर्ड मांगना हैरत भरा है।

विज्ञापन


जम्मू-कश्मीर बैंक में 3 हजार से अधिक अवैध नियुक्तियों के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो जांच कर रहा है। ब्यूरो ने बैंक से बैंकिंग अटेंडेंट और सहायक बैंकिंग एसोसिएट की नियुक्तियों की फाइलें जब्त की हैं। कोर्ट में पेश किए तथ्यों के मुताबिक 8 जून 2019 को एसीबी के पास सईद कौसर बैहाकी ने एक ई-मेल करके शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन


बताया कि बैंक में 2014 से लेकर अब तक 3 हजार अवैध रूप से नियुक्तियां हुई हैं। जिसमें अधिकतर पीडीपी के कार्यकर्ता शामिल हैं। सैकड़ों सफाई कर्मी बैंक में दस साल से कार्यरत हैं, जिनको बैंक ने स्थायी नहीं किया। दूसरी तरफ पिछले दरवाजे से हजारों अवैध नियुक्तियां कर डालीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने कोर्ट से अनुमति लेकर सर्च वारंट लिया और कई तरह के दस्तावेज जब्त कर लिए। जिन लोगों के नामों की शिकायतें थीं। उनकी बारीकी से जांच की गई। इनकी नियुक्तियों की निजी फाइलों को निकलवाया गया। इन फाइलों को टटोलने पर बैंक के पूर्व चेयरमैन परवेज अहमद नेंगरू की भतीजी हमीम नुसरत का नाम भी सामने आया। जिसकी नियुक्ति बिना किसी प्रक्रिया को पूरी किए हो रखी थी।

सब नियम कानून हवा में उड़ा दिए

एसीबी ने इस शिकायत के बाद एक और केस दर्ज किया। 2009 में भी अवैध नियुक्तियों के मामले की जांच शुरू की। कुल मिलाकर चार मामले दर्ज हैं और इनके चालान पेश किए। पूरे मामले की जांच करने के लिए 13 ट्रंक फाइलें जब्त की गई हैं। जज ने कहा कि फाइलें बहुत ज्यादा हैं। मामला बहुत गंभीर है। एक भी फाइल जारी करने से जांच बाधित हो सकती है।

कोर्ट ने कहा कि जिनकी फाइलें जब्त हैं, इनकी नियुक्तियां तमाम प्रक्रियाओं, भर्ती नियमों को ताक पर रखकर करने के आरोप हैं। ऐसे आरोप हैं कि यह नियुक्तियां नेताओं, अफसरों और प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर उनके सगे संबंधियों के लिए हुईं। बैंक के अधिकारियों ने इसमें पूरा साथ दिया। पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं का हक मारा गया है।

कैसे मांग रहे हैं इनके लिए इंक्रीमेंट
बैंक की ओर से कोर्ट में कहा गया है कि उनको बैंकिंग एसोसिएट और बैंकिंग अटेंडेंट के प्रमोशन और इंक्रीमेंट के लिए फाइलों की समीक्षा करनी है। इसलिए फाइलों को देखना आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि हैरानी की बात है कि रिलीज करने का ऐसा आधार बनाया गया है। जिनकी नियुक्तियां अवैध होने की जांच की जा रही है, उन्हीं के लिए प्रमोशन करने का आधार बनाकर रिलीज करने की मांग की जा रही है। कोर्ट ने कहा कि बैंक प्रबंधन ने नेताओं के कहने पर पूरी भर्ती प्रक्रिया और नियमों का मजाक उड़ाया है। यह नियुक्तियां वैध नहीं, पूरी तरह से अवैध हैं। फिर कैसे इनके लिए इंक्रीमेंट मांग रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed