JK Assembly Poll: प्रदेश की 90 सीटों में से इस सीट पर CPIM का गढ़ बरकरार, मत प्रतिशत गिरा; पार्टी को यह उम्मीद
सीपीआईएम से युनूस तारिगामी पांचवीं बार चुनाव मैदान में हैं। कुलगाम सीट पर 1996 से लेकर 2014 तक चार बार से मोहम्मद युनूस तारिगामी चुनाव जीतकर विधायक बन रहे हैं।
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कुलगाम प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों में सबसे अलग है। पूरे देश में अपना वर्चस्व खो चुकी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी (सीपीआईएम) यहां बुलंदी के साथ खड़ी है। पार्टी से युनूस तारिगामी पांचवीं बार चुनाव मैदान में हैं। सीपीआईएम का गढ़ बन चुकी कुलगाम विस सीट में नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी सहित अन्य दल सालों तक सेंध लगाने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई।
कुलगाम सीट पर 1996 से लेकर 2014 तक चार बार से मोहम्मद युनूस तारिगामी चुनाव जीतकर विधायक बन रहे हैं। इस सीट पर अपने उम्मीदवार न उतारकर अब कांग्रेस, नेकां ने सीपीआईएम के साथ अंदर खाते गठबंधन कर लिया है। सीपीआईएम इस बार अपना विस्तार कर आरएस पुरा सीट से भी अपना उम्मीदवार उतारने की इच्छा जाहिर कर चुकी है। कुलगाम विस सीट के आंकड़ों पर गौर करें, तो 1996 से लेकर अब तक यहां किसी भी दल का खाता नहीं खुल पाया है। सीपीआईएम ने प्रदेश में 1967 से पहली बार चुनाव लड़ा लेकिन सफलता नहीं मिली।
96 फीसदी से लुढ़क 38.69% पहुंचा जीत का अंतर
कुलगाम विधानसभा सीट से 1996 में तारिगामी पहली बार चुनाव जीते और 96.65 फीसदी वोट हासिल किए। इनके मुकाबले जनता दल के हबिबुल्लाह को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद लगातार इनका मत प्रतिशत गिरता चला गया। वर्ष 2002 में 51.72 फीसदी वोट से तारिगामी ने सीट हासिल की। इस बार नेशनल कॉन्फ्रेंस से नबी धर को सफलता नहीं मिली। 2008 में 37.24 फीसदी वोट मिले जबकि प्रतिद्वंद्वी पीडीपी के नजीर अहमद के हाथ हार लगी। 2014 में 38.69 फीसदी वोट तारिगामी को मिले और पीडीपी के नजीर अहमद लावे दूसरी बार हार गए।
लोगों से भरपूर प्यार की उम्मीद
हरि सिंह सीपीआईएम के क्षेत्रीय सचिव हरि सिंह ने कहा कि कुलगाम से तारिगामी ही चुनाव लड़ेंगे। नेकां और कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन है। उम्मीद है कि लोग हमेशा की तरह पार्टी को प्यार देंगे।