JK Election: भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए शुरू किया कदमताल, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वोट बढ़ाना चुनौती
लोकसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें, तो मोटे तौर पर भाजपा को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वोट बैंक प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती रहेगी। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अनंतनाग-राजोरी सीट पर वोट बैंक हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन उतनी सफलता नहीं मिल पाई।
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लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी हाईकमान ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को जम्मू कश्मीर का चुनाव प्रभारी बनाकर नई जिम्मेदारी दी है। लेकिन आगामी चुनाव में रेड्डी के सामने कई चुनौतियां भी रहेंगी।
हाल ही के लोकसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें, तो मोटे तौर पर भाजपा को मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वोट बैंक प्रतिशत बढ़ाने की चुनौती रहेगी। भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अनंतनाग-राजोरी सीट पर वोट बैंक हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन उतनी सफलता नहीं मिल पाई।
लोकसभा चुनाव में हॉटस्पाट कही जाने वाली अनंतनाग-राजोरी सीट पर भाजपा ने अंदर खाते अपनी पार्टी को समर्थन दिया, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर पाई। इस सीट पर नेकां के मियां अल्ताफ अहमद ने 50.85 प्रतिशत के हिसाब से 521836 वोट पाए। पीडीपी की महबूबा मुफ्ती 23.39 प्रतिशत के हिसाब से 240042 वोट हासिल कर दूसरे स्थान पर रही, जबकि भाजपा समर्थक वाली जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के जफर इकबाल खान मन्हास 13.86 प्रतिशत के हिसाब से 142195 वोट ही हासिल कर पाए।
इसी तरह कश्मीर केंद्रित सीटों में भाजपा ने बारामुला सीट पर जम्मू कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को बाहरी समर्थन दिया था। इस सीट पर अपनी पार्टी ने भी अपना कोई प्रत्याशी खड़ा नहीं किया था। लेकिन यहां पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के सज्जाद गनी लोन 16.76 प्रतिशत के हिसाब से 27488 वोट हासिल करके तीसरे स्थान पर रहे।
भाजपा के गढ़ जम्मू संभाग में कांग्रेस की सेंध
भाजपा का गढ़ रहे जम्मू और उधमपुर संसदीय सीटों के नतीजों पर नजर दौड़ाएं तो इस बार पार्टी को कई विधानसभा क्षेत्रों में पीछे रहना पड़ा है। जबकि कई विधानसभा क्षेत्र जम्मू शहर के थे। शहर के नए बाहु विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को 37202 वोट मिले जबकि कांग्रेस ने यहां टक्कर देते हुए 36156 वोट हासिल किए, यानी आगामी विधानसभा चुनाव में यहां उलट फेर हो सकता है।
आरएसपुरा-जम्मू दक्षिण में कांग्रेस को बढ़त
एक अन्य नए विधानसभा क्षेत्र आरएसपुरा-जम्मू दक्षिण में कांग्रेस ने बढ़त पाते हुए 44162 वोट हासिल किए, जबकि भाजपा को 37798 ही वोट मिले। बिश्नाह में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर रही। यहां भाजपा को 46650 और कांग्रेस को 41914 वोट मिले। इसी तरह रामगढ़ में भाजपा को 32557 और कांग्रेस को 30929 वोट मिले। गुलाबगढ़ में कांग्रेस ने बढ़त पाते हुए 49397 और भाजपा ने 12880 वोट हासिल किए।
भद्रवाह में कांटे की टक्कर
उधमपुर संसदीय सीट की बात करें तो इंद्रबल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने बढ़त पाते हुए 16832 और भाजपा ने 11671 वोट हासिल किए। भद्रवाह में दोनों के बीच कांटे की टक्कर रही। यहां भाजपा को 34402 और कांग्रेस को 35131 वोट मिले। डोडा में कांग्रेस ने बढ़त पाते हुए 37715 और भाजपा ने 18229 वोट हासिल किए। इसी तरह बनिहाल में भी कांग्रेस ने बढ़त पाते हुए 28306 और भाजपा ने 10486 वोट हासिल किए। ये लगभग इलाके मुस्लिम बहुल क्षेत्र से रहे हैं।
2019 से केंद्रीय मंत्री के तौर पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं रेड्डी
गंगापुरम किशन रेड्डी (जी किशन रेड्डी) का जन्म 15 जून 1964 को हुआ और वह एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं, जो 2024 से 25वें कोयला मंत्री और 45वें खान मंत्री के रूप में सेवारत हैं। उन्होंने 2019 से 2024 तक भारत के पर्यटन, संस्कृति और उत्तर पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री के रूप में कार्य किया। वह 1980 से भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं।
वह 2019 से सिकंदराबाद (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद हैं। उन्होंने 2009 में आंध्र प्रदेश विधानसभा में भाजपा के फ्लोर लीडर के रूप में कार्य किया और तत्कालीन आंध्र प्रदेश के राज्य भाजपा अध्यक्ष चुने जाने के बाद इसे छोड़ दिया। वह 2014 से 2016 तक तेलंगाना भाजपा के पहले राज्य अध्यक्ष थे और 4 जुलाई 2023 को फिर से तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किए गए।