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Article 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर, मुजफ्फर बोले- इसे खत्म नहीं किया जा सकता

Wed, 10 Jan 2024 05:04 PM IST
kumar गुलशन कुमार एएनआई, जम्मू कश्मीर
एएनआई, जम्मू कश्मीर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 10 Jan 2024 05:04 PM IST
सार

बीते साल 11 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अगस्त 2019 में केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा था।

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jammu kashmir article 370: Review petition filed in Supreme court against its verdict on Article 370
अनुच्छेद 370 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखने के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक समीक्षा याचिका दायर की गई है। जम्मू-कश्मीर अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुजफ्फर शाह ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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बीते साल 11 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अगस्त 2019 में केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा था।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह भी कहा था कि वह जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करे और 30 सितंबर, 2024 से पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव कराए।
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इससे पहले एएनसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुजफ्फर शाह ने कहा था कि उनकी पार्टी को कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला खामियों से भरा था। यह कई बुनियादी मुद्दों पर चुप रहा। एक समीक्षा याचिका तैयार की जा रही है और एक बार यह तैयार हो जाने पर, हम इसे अपनी कानूनी टीमों और 23 याचिकाकर्ताओं के सामने रखेंगे और फिर शीर्ष अदालत में फिर याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि यह चर्चा का विषय है कि कानूनी कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा।

केंद्र ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। शीर्ष अदालत ने इस महीने की शुरुआत में इस फैसले को बरकरार रखा।

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