Article 370: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर, मुजफ्फर बोले- इसे खत्म नहीं किया जा सकता
बीते साल 11 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अगस्त 2019 में केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा था।
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बीते साल 11 दिसंबर को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने अगस्त 2019 में केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा था।सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह भी कहा था कि वह जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करे और 30 सितंबर, 2024 से पहले जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव कराए।
Article 370 cannot be killed...We have filed a review petition against SC's judgement on Article 370. We will debate it in the court: Muzzafar Shah of J&K Awami National Conference pic.twitter.com/ltI8ga55LL
— ANI (@ANI) January 10, 2024
इससे पहले एएनसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुजफ्फर शाह ने कहा था कि उनकी पार्टी को कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला खामियों से भरा था। यह कई बुनियादी मुद्दों पर चुप रहा। एक समीक्षा याचिका तैयार की जा रही है और एक बार यह तैयार हो जाने पर, हम इसे अपनी कानूनी टीमों और 23 याचिकाकर्ताओं के सामने रखेंगे और फिर शीर्ष अदालत में फिर याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि यह चर्चा का विषय है कि कानूनी कार्रवाई का स्वरूप क्या होगा।
केंद्र ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया और पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया। शीर्ष अदालत ने इस महीने की शुरुआत में इस फैसले को बरकरार रखा।