Jammu Kashmir: गोलीबारी के दौरान लाइफलाइन बनेगा अरनिया का नया पुल, सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को मिलेगी राहत
अरनिया में 18 करोड़ रुपये की लागत से बना पुल पहुंच मार्ग बनने से सीमावर्ती क्षेत्र के 15 गांवों को बड़ी राहत मिली, गोलीबारी के दौरान यह पुल लोगों के लिए लाइफलाइन का काम करेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू कश्मीर के अरनिया क्षेत्र के गांव में सई फागला से मुलेचक के मध्य पड़ते ऐक नाले पर 18 करोड़ रुपए की लागत से पिछले 3 साल से पुल बनकर तैयार हो गया था। मगर पहुंच मार्ग दोनों ओर से न होने को लेकर लोगों को पुल की कोई सुविधा नहीं मिल रही थी। इसके चलते सीमावर्ती क्षेत्र के लोग निरंतर परेशान हो रहे थे।
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पिछले साल पुल के दोनों और से पहुंच मार्ग का टेंडर निकाला गया। इसके बाद ठेकेदार ने पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य को सुचारु किया। तकरीबन 6 महीने में दोनों ओर से पहुंच मार्ग को मुकम्मल कर दिया गया है। पुल के दोनों और पहुंच मार्ग पर कंकर डाल दिया गया है। फिलहाल फंडिंग के चलते थोड़े समय के लिए पहुंच मार्ग का कार्य रुक गया है। फंडिंग होते ही अगले चरण में पहुंच मार्ग पर तारकोल डालकर पुल लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा।
सेंट्रल रोड फंडिंग के तहत पुल का निर्माण कार्य 18 करोड़ रुपए में किया गया है। पुल की लंबाई कुल 250 मीटर है। पुल डबल लेन में तैयार किया गया है। 15 गांव के लोग इस पुल के माध्यम से बड़े कम समय में शहर का रुख कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को बस सर्विस शुरू करने के लिए कहा जाएगा।
सीमावर्ती क्षेत्र के लगभग 15 गांव को तैयार पुल का सीधा फायदा मिलेगा। गोलीबारी के दौरान लोगों के लिए लाइफ लाइन का काम करेगा। 15 गांव के लोग महज 2 से 3 मिनट में सुरक्षित जगह पर पहुंच जाएंगे। इस मुद्दे पर पीडब्ल्यूडी विभाग के एईई विकेश कुमार ने बताया कि पुल के दोनों सिरों को मुख्य सड़क के साथ जोड़ दिया गया है।सड़क के दोनों सिरों पर कंकर डाल दिया गया है।फंडिंग रूकने से पुल के निर्माण कार्य में थोड़ी देरी हो रही है।अगले चरण में तारकोल डालकर पुल लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा।