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Jammu: प्रतिबंधित दवाओं की चपेट में युवा, नशे का बना विकल्प, सजगता जरूरी

Wed, 31 Aug 2022 02:20 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 31 Aug 2022 02:20 PM IST
सार

शेड्यूल एक्स नारकोटिक और साइकोलॉजिकल दवाएं होती हैं, जो अत्यंत प्रभावी होती हैं। ये सीधे दिमाग पर असर डालती हैं। गलत खुराक व ओवरडोज के कारण यह घातक साबित हो सकती हैं।

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jammu kashmir anti drugs news Youth in grip of banned drugs substitute made of intoxicants
Drugs - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

जम्मू कश्मीर में प्रतिबंधित दवाएं (शेड्यूल एक्स) हेरोइन और ब्राउन शुगर जैसे महंगे नशे का विकल्प बनती जा रही हैं। युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। विभागीय सुस्ती, मिलीभगत और तस्करी से बाजारों में इसकी उपलब्धता और चलन बढ़ता जा रहा हैं। यह युवा पीढ़ी के लिए घातक हो सकता है।
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शेड्यूल एक्स दवाओं को खरीदने के लिए डाक्टर की पर्ची जरूरत होती है, लेकिन अवैध ढंग से कई दवा विक्रेता ऐसी दवाएं सीधे तौर पर बेच रहे हैं। अवैध उपलब्धता से इसका दुरुपयोग बढ़ा है। नशे को पूरा करने के लिए युवाओं के साथ किशोर भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। 
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गलत खुराक व ओवरडोज हो सकता है घातक

शेड्यूल एक्स नारकोटिक और साइकोलॉजिकल दवाएं होती हैं, जो अत्यंत प्रभावी होती हैं। ये सीधे दिमाग पर असर डालती हैं। गलत खुराक व ओवरडोज के कारण यह घातक साबित हो सकती हैं। ये दवाएं जोड़ो के दर्द, कैंसर, नशा छोड़ने के लिए वैकल्पिक थेरेपी के तौर पर मरीजों को तत्काल राहत के लिए दी जाती हैं। इन दवाओं की खरीद के लिए डाक्टरी पर्ची के साथ विक्रेता को इसकी कॉपी रखनी पड़ती है।
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हाल ही में 14, 095 टेबलेट की गईं थीं जब्त 

हाल ही में ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन ने जम्मू संभाग के विभिन्न स्थानों से अवैध एक्स शेड्यूल दवा टेपेंटाडोल की 14095 टेबलेट जब्त की थीं। ये दवाएं नशामुक्ति केंद्र, फार्मा डीलरों और दवा दुकानों पर औचक निरीक्षण के दौरान मिलीं, जिनका कोई रिकार्ड नहीं था। एक दवा विक्रेता ने बताया कि अस्पतालों से कई बार कुछ लोग पर्ची पर एक्स ड्रग्स लिखवाकर लाते हैं, लेकिन उस पर डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं होते हैं। अस्पताल की पर्ची होने के कारण उन्हें आपात स्थिति में दवा देनी पड़ती है।

बाजार में इन दवाओं की बढ़ी मांग

बाजार में शेड्यूल एक्स दवाओं से संबंधित दवाओं का चलन बढ़ा है। इनमें कई दवाएं कंबिनेशन में होती है, जिनकी नशे को पूरा करने के लिए मांग बढ़ी है। ये अन्य नशों से सस्ती होती हैं। इसमें अधिकांश टेबलेट और इंजेक्शनों का सहारा लेकर नशे को पूरा किया जाता है। इसके बारे में जागरूक और सजग होने की जरूरत है।

पुलिस के लिए नशेड़ी बनते हैं सिर दद

एक दवा विक्रेता ने बताया कि कई बार थानों से एक्स शेड्यूल दवा की मांग की जाती है। दरअसल, कई बार पुलिस नशेड़ियों को पकड़ कर लाती है, लेकिन थाने के भीतर ज्यादा देर रखने पर उनकी हालत खराब होने लगती है। इस कारण उन्हें बाहर से दवा लेकर देनी पड़ती है। 

अवैध ढंग से बाहर से लाई जा रही ये दवाएं  

एक्स शेड्यूल दवाओं को अवैध रूप से बाहर से लाकर बेचा जा रहा है। जम्मू संभाग में करीब साढ़े तीन हजार दवा विक्रेता है, जिसमें आशंका है कि शहर के बाहरी इलाकों में ये अवैध धंधा अधिक फलफूल रहा है। एसोसिएशन की ओर से सभी विक्रेताओं को शेड्यूल एक्स दवाओं की बिक्री के लिए पूरे मानकों का पालन करने के लिए कहा गया है। - रोहित शर्मा, संयोजक, जेएंडके केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन।


अवैध दवाओं की बिक्री के खिलाफ अभियान जारी 
शेड्यूल एक्स दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान जारी है। इनपुट के आधार पर औचक निरीक्षण करके ऐसी दवाओं को जब्त किया जा रहा है। दवा विक्रेताओं को मानकों का पालन करने के लिए सख्त हिदायतें जारी की गई हैं। फिलहाल ऐसे मामलों में शिकायतें नहीं मिल रही हैं। -लोतिका खजूरिया, ड्रक कंट्रोलर।
 
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