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ऋषिकेश से इसी महीने शिफ्ट होगा एम्स का पहला एमबीबीएस बैच्
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जम्मू। विजयपुर (जम्मू) में निर्माणाधीन प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एमबीबीएस का बैच इसी माह ऋषिकेश से शिफ्ट किया जाएगा। एनआईटीएस इंदिरा नगर मीरां साहिब (जम्मू) में स्थित मेकशिफ्ट कैंपस में दो बैच के लिए कक्षाएं शुरू होंगी। छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास और शिक्षण गतिविधियों के साथ संकाय कार्यालयों के लिए जगह को एक अकादमिक ब्लॉक स्थापित किया जाएगा। पहले बैच के 50 और दूसरे में 62 एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाई के लिए बुलाया जाएगा। पहले बैच की पढ़ाई ऋषिकेश एम्स में कराई जा रही थी।
एम्स प्रशासन की ओर से दूसरे बैच के लिए 62 सीटें मांगी गई हैं, जो पहले बैच की तुलना में 12 अधिक सीटें हैं। 2023 के तीसरे बैच में सीटें बढ़ाकर 125 कर दी जाएंगी। मेकशिफ्ट कैंपस में इस सत्र से पढ़ाई शुरू होने से स्थानीय एमबीबीएस विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। उन्हें अपने पैतृक स्थान पर ही एमबीबीएस की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। मेकशिफ्ट कैंपस में विभिन्न एजेंसियों द्वारा फर्नीचर मंगवाया जा रहा है। इसके साथ एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जरूरी साधन जुटाए जा रहे हैं।
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जम्मू एयरपोर्ट के नजदीक है अस्थायी कैंपस
यह अस्थायी कैंपस जम्मू एयरपोर्ट के साथ ही है, जिससे देशभर के विद्यार्थियों को कैंपस तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी। एम्स के बुनियादी ढांचे का 45 प्रतिशत तक निर्माण पूरा कर लिया गया है। पूरी परियोजना को अप्रैल, 2023 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है, जिसमें अस्पताल भवन, मेडिकल कॉलेज, होस्टल, आवासीय क्वार्टर और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। परियोजना पर कुल 1661 करोड़ रुपये में से 1452 करोड़ मेडिकल कॉलेज और अन्य ढांचे पर 209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें अत्याधुनिक तकनीक आधार पर चिकित्सा उपकरण और अन्य सामग्री उपलब्ध होगी। इस साल के मध्य तक एम्स के आयुष ब्लॉक में ओपीडी भी शुरू करने की योजना है।
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मार्च के अंत तक पहले दोनों एमबीबीएस के बैच शुरू कर दिए जाएंगे। आगामी बैच भी यहीं पर लगाए जाएंगे। विद्यार्थियों और संकाय के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। छात्रावास के साथ अकादमिक ब्लॉक उपलब्ध करवाया जा रहा है।
डॉ. शक्ति गुप्ता, निदेशक एम्स विजयपुर
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एम्स प्रशासन की ओर से दूसरे बैच के लिए 62 सीटें मांगी गई हैं, जो पहले बैच की तुलना में 12 अधिक सीटें हैं। 2023 के तीसरे बैच में सीटें बढ़ाकर 125 कर दी जाएंगी। मेकशिफ्ट कैंपस में इस सत्र से पढ़ाई शुरू होने से स्थानीय एमबीबीएस विद्यार्थियों को राहत मिलेगी। उन्हें अपने पैतृक स्थान पर ही एमबीबीएस की पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। मेकशिफ्ट कैंपस में विभिन्न एजेंसियों द्वारा फर्नीचर मंगवाया जा रहा है। इसके साथ एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए जरूरी साधन जुटाए जा रहे हैं।
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जम्मू एयरपोर्ट के नजदीक है अस्थायी कैंपस
यह अस्थायी कैंपस जम्मू एयरपोर्ट के साथ ही है, जिससे देशभर के विद्यार्थियों को कैंपस तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी। एम्स के बुनियादी ढांचे का 45 प्रतिशत तक निर्माण पूरा कर लिया गया है। पूरी परियोजना को अप्रैल, 2023 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जा रहा है, जिसमें अस्पताल भवन, मेडिकल कॉलेज, होस्टल, आवासीय क्वार्टर और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। परियोजना पर कुल 1661 करोड़ रुपये में से 1452 करोड़ मेडिकल कॉलेज और अन्य ढांचे पर 209 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें अत्याधुनिक तकनीक आधार पर चिकित्सा उपकरण और अन्य सामग्री उपलब्ध होगी। इस साल के मध्य तक एम्स के आयुष ब्लॉक में ओपीडी भी शुरू करने की योजना है।
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मार्च के अंत तक पहले दोनों एमबीबीएस के बैच शुरू कर दिए जाएंगे। आगामी बैच भी यहीं पर लगाए जाएंगे। विद्यार्थियों और संकाय के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। छात्रावास के साथ अकादमिक ब्लॉक उपलब्ध करवाया जा रहा है।
डॉ. शक्ति गुप्ता, निदेशक एम्स विजयपुर